Betul Bjp Samachar : बैतूल भाजपा में टिकट की मारामारी, फिर सर्वे ने बढ़ाई नेताओं की टेंशन
Betul Bjp Samachar : Ticket tussle in Betul BJP, then the survey increased the tension of the leaders

एंटी-इनकम्बेंसी को समय रहते भांपकर उसके तीखेपन को कम करने की योजना बनाने में जुटे भाजपा के दिग्गज!
Betul Bjp Samachar : (बैतूल)। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पांच विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर भाजपा में घमासान मचा है। संघ, संगठन और सरकार के तीन-तीन सर्वे पर दिल्ली दरबार का भरोसा खत्म हो गया तो फिर मध्यप्रदेश में दिल्ली के नेताओं की दखल शुरू हो गई है। दिल्ली से भाजपा के दिग्गज नेताओं की एक बड़ी फौज ने मध्यप्रदेश की चुनावी कमान अपने हाथों में ले ली और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं को बता दिया कि जमीन पर भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है।
बैतूल जिले में पांच विधानसभा क्षेत्र में विधायक का चुनाव लडऩे वाले एक अनार सौ बीमार वाली कहावत जैसे हो रहे हैं। अब चुनावी सर्वे में हर विधानसभा से पांच नामों पर सर्वे की खबर ने टिकट के दावेदारों के मंसूबो पर पानी फेर दिया है । जिन नामों पर पहले हुए सर्वे में सब कुछ अच्छा बताया जा रहा था, वो हवाहवाई साबित होने के कारण पांच-पांच नामों को लेकर सर्वे होने की खबर से नए चेहरे खिल गए है।
संघ और भाजपा के दिग्गज सूत्रों से मिली खबर के अनुसार भैंसदेही विधानसभा में महेंद्र सिंह चौहान ,राहुल चौहान, डॉ. महेन्द्र चौहान ,हेमराज बारस्कर और सूरज लाल जावलकर के नाम पर मंथन शुरू हो गया है। इस विधानसभा में सर्वे टीम का एक ऑडियो भी वायरल हुआ था।
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घोड़ाडोंगरी में जी-10 की हेडग
इस विधानसभा में भाजपा में टिकट को लेकर बड़ा घमासान मचा है। यहां भी दावेदारों की कमी नहीं है, परंतु आला कमान के निर्देशों के बाद पांच नामों पर फिर से मंथन हो रहा है, जिसमें पूर्व विधायक मंगल सिंह धुर्वे ,गंगा बाई उइके ,अरविंद धुर्वे, दीपक उइके ,राजेश परते,राधेश्याम उइके ,मनीष कुमरे ,भूरेलाल चौहान और सुमंत्रा चौहान के नाम प्रमुख है। इस विधानसभा में जी-10 ग्रुप बना है, जो अपने अपने इलाके में बेहद मजबूत है। इस ग्रुप में शामिल सभी सदस्य पुराने प्रत्याशियों के बेहद खिलाफ है, चाहे जिसे भी टिकट मिले पर नया और उच्च शिक्षित हो।
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आमला में पंडाग्रे के खिलाफ विरोधी एकजुट
इस विधानसभा में भाजपा विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे मतदाताओं की नब्ज पकडऩे में कितने कामयाब हुई, यह तो अभी पता नहीं चल रहा है पर बीते तीन माह से वे इस क्षेत्र में खूब दौड़ रहे हैं फिर भी सत्ता विरोधी लहर यहां कितनी है, यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगी। यहां भी टिकट दावेदारों की अब फौज खड़ी हो गई है जिसमें योगेश पंडाग्रे, कैलाश मानेकर, अशोक नागले, शिवपाल उबनारे सहित कई दबे पांव टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। यह सीट डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के आने के बाद बेहद चर्चित हो गई है।
मुलताई की तासीर बदली
इस विधानसभा की तासीर कुछ बदली बदली है। यहां भाजपा की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे राजा पवार 2018 में विधायक का चुनाव हारने के बाद जिला पंचायत के अध्यक्ष बन गए है। यहां पर टिकट दावेदारों में राजा पवार, चंद्रशेखर देशमुख, हेमन्त विजयराव देशमुख ,वर्षा गढ़ेकर, उत्तम गायकवाड़ और नरेश फाटे के नामों पर सर्वे कराया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मुलताई से भाजपा कुनबी समाज के ही बड़े चेहरे को मैदान में उतारेगी, इसलिए समाज से ही आधा दर्जन उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा चल रही है।
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हेमंत की बैतूल से मजबूत दावेदारी
इस विधानसभा की तासीर बेहद नरम और गरम है। यहां भाजपा में विरोधी तो सामने नहीं आते पर भीतर घात में महारथ हासिल होने का दावा किया जाता है। अभी तक तो इस विधानसभा में हेमंत खंडेलवाल ही सबसे मजबूत और गंभीर दावेदार बताए जा रहे हैं, परंतु प्रदेश के चुनावी दंगल में अमित शाह की एंट्री के बाद ज्यादा वोटों से चुनाव हारने वाले प्रत्याशी के क्षेत्र में अन्य दावेदार के नामों पर भी सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें संघ से जुड़े मोहन नागर, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र कपूर, पूर्व विधायक अलकेश आर्य और जिला पंचायत सदस्य शैलेन्द्र कुंभारे के नाम भी सामने आ रहे हैं। वैसे हेमंत खंडेलवाल के बारे में कहा जा रहा है कि वे ही एक ऐसे उम्मीदवार है जो बैतूल से चुनाव लडक़र जीत हासिल कर सकते हैं और इसका असर अन्य चार विधानसभा सीटों पर देखने को मिल सकता है।




