Betul Mandi News: समर्थन मूल्य से अधिक मंडी में मिल रहे उपज के दाम

Betul Mandi News: The prices of produce in the market are higher than the support price.

उपज बेचने पंजीयन से किसानों का मोह भंग…

Betul Mandi News:(बैतूल)। समर्थन मूल्य में उपज बेचने को लेकर इस बार किसानों का मोह भंग हो गया है। बहुत कम किसान पंजीयन कर पाएं है। इसका प्रमुख कारण यह है कि समर्थन मूल्य से ज्यादा किसानों को उपज के दाम मंडी में मिल रहे है। पंजीयन के लिए अब महज कुछ ही दिन का समय शेष रह गया है। ऐसे में इस बार किसानों का बहुत कम पंजीयन हो पाएगा। जानकारी के मुताबिक जिले में गेहंू और चने की उपज को समर्थन मूल्य में बेचने के लिए किसान पंजीयन कर रहे है। पंजीयन की रफ्तार बहुत धीमी गति से चल रही है। अब तक जिले में कुल 7 हजार 347 किसान ही पंजीयन कर पाए है।

जिसमें चने की उपज बेचने के लिए 1 हजार 594 और गेहूं की उपज बेचने के लिए 6 हजार 749 किसानों ने पंजीयन किया है। जानकारी के मुताबिक गेहूं का पंजीयन की अंतिम तिथि 1 मार्च है। अब पंजीयन की अंतिम तिथि के लिए तीन दिन का समय शेष रह गया है। इसी तरह चने की उपज का पंजीयन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च है। इस बार पंजीयन की तिथि बढ़ने की संभावना कम नजर आ रही है। अब तक किसानों को पंजीयन करने के लिए बहुत अधिक समय दे दिया, लेकिन बहुत कम किसान पंजीयन कर पाए है। पंजीयन अधिक नहीं होने की स्थिति में उपज खरीदने के लिए जो टारगेट दिया गया है। वह पूरा होने की संभावना बहुत कम है।

मंडी में 400 से अधिक मिल रहे गेहूं के दाम

समर्थन मूल्य में पंजीयन कम होने का प्रमुख कारण यह है कि समर्थन मूल्य की अपेक्षा किसानों को मंडी में गेहूं के अधिक दाम मिल रहे है। सरकार द्वारा इस बार किसानों से 2275 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से समर्थन मूल्य से गेहूं खरीदा जाएगा। जबकि कृषि उपज मंडी में गेहूं के दाम 2700 रूपए प्रति क्विंटल से अधिक है। मंडी में किसानों को 1 क्विंटल पर 400 रूपए अधिक का फायदा हो रहा है। ऐसे में किसान समर्थन मूल्य के बजाय मंडी में उपज बेचने में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे है। कृषि उपज मंडी में इन दिनों प्रतिदिन लगभग ढाई हजार से अधिक बोरे गेहूं की आवक हो रही है। किसानों का कहना है कि मंडी में उपज बेचना उनके लिए फायदेमंद होगा। इसलिए किसान समर्थन मूल्य में पंजीयन नहीं कर पा रहे है।

मंडी में मिलती नगद राशि

किसानों का कहना है कि मंडी में उपज बेचने पर किसानों को मंडी में नगद राशि मिलती है, लेकिन समर्थन मूल्य में राशि के लिए किसानों को दर-दर की ठोंकरे खानी पड़ती है। सरकार की तरफ से निर्देश है कि समर्थन मूल्य में उपज बेचने वाले किसान को एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाए, लेकिन एक पखवाड़े के बाद तक भी किसानों को भुगतान नहीं हो पाता है। किसान परेशान होते है, इसलिए भी किसान इस बार पंजीयन नहीं कर रहे है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक पंजीयन करने वाले किसानों की संख्या बहुत कम है। अधिकारियों द्वारा किसानों को पंजीयन करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन किसान पंजीयन कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है।

इनका कहना…

समर्थन मूल्य में उपज बेचने के लिए अब तक कुल 7 हजार 347 किसानों ने पंजीयन किया है। पंजीयन की रफ्तार धीमी गति से चल रही है। गेहूं के लिए 1 मार्च तक पंजीयन किए जाएंगे।

केके टेकाम, जिला आपूर्ति अधिकारी, बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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