Betul News : भैंसदेही में टशन : राहुल के समर्थन में सैकड़ों आदिवासी- कोरकू एकजुट
Betul News : Tashan in Bhainsdehi: Hundreds of tribals- Korku united in support of Rahul

बीती रात हुई सभा में ग्रामीणों का निर्णय- राहुल को नहीं मिली टिकट तो खड़ा करेंगे निर्दलीय
Betul News : (बैतूल)। भैंसदेही विधानसभा में भाजपा से महेंद्र सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। टिकट घोषित होने के दस दिनों बाद क्षेत्र के दामजीपुरा मुख्यालय में बीती रात सैकड़ों की संख्या में आदिवासी- कोरकू समाज के लोगों ने एकत्रित होकर निर्णय लिया है कि यदि भाजपा ने प्रत्याशी नहीं बदला तो राहुल चौहान को निर्दलीय चुनाव में लड़ाया जाएगा। पूरी बैठक में राहुल खुद मौजूद रहे।
सबसे बड़ी बात यह है कि पड़ोसी जिले के मेलाघाट के धाकड़ आदिवासी विधायक और राहुल चौहान के मामा राजकुमार पटेल बैठक को खुद लीड कर रहे थे। उन्होंने गरजते हुए भाजपा को चेतावनी दी है कि यदि पार्टी ने प्रत्याशी नहीं बदला तो पीछे नहीं हटेंगे। खुद राहुल ने भी इस प्रतिनिधि से चर्चा में कहा कि यह आम जनता उन्हें मैदान में उतारने का दबाव बना रही है, इसलिए उनका फैसला स्वीकार करना पड़ेगा। यानी राहुल भी टिकट नहीं बदले जाने पर बागी होकर मैदान में उतरने का निर्णय ले चुके हैं।

भैंसदेही विधानसभा एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है। कोरकू और गोंड समाज के मतदाता यहां पर निर्णायक भूमिका अदा करते आ रहे हैं। दामजीपुरा बेल्ट में कोरकू मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक बताई जाती है। इस क्षेत्र से जिसने बाजी मारी वह अब तक विधायक बनते आया है।
चुनावी सुगबुगाहट के बीच बीती रात दामजीपुरा में पूर्व विधायक सतीष चौहान के पुत्र और जिला भाजपा महामंत्री राहुल चौहान के समर्थन में करीब एक हजार की संख्या में ग्रामीणों के एकत्रित होने से अचानक सरगर्मी बढ़ गई है। पूरे क्षेत्र के कई गांवों से एकत्रित हुए ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से निर्णय लिया है कि राहुल चौहान को यदि भाजपा उम्मीदवार नहीं बनाती है तो उन्हें निर्दलीय मैदान में उतारा जाएगा। ग्रामीणों के निर्णय पर राहुल भी सहर्ष तैयार हो गए। पूरी बैठक करीब चार घंटे तक चलते रही। इसमें दामजीपुरा के आसपास के बड़ी संख्या में कोरकू और आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए हैं।
राहुल लड़े तो दोनों पार्टी का सफाया

सूत्र बताते हैं कि बीती रात दामजीपुरा में हुई बैठक में भाजपा द्वारा प्रत्याशी घोषित करने पर खासी नाराजगी जताई। इस बैठक को लीडिंग करने के लिए मेलाघाट के विधायक राजकुमार पटेल खुद यहां आए थे। उनकी मौजूदगी में क्षेत्र के कोरकू समुदाय के लोगों ने बैठक के बाद कहा है कि वह 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल चौहान को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन एन वक्त पर बी फार्म अजय शाह को दे दिया गया। इसके बाद उन्होंने 2019 में भाजपा का दामन थामा। तब से वह क्षेत्र में लगातार सक्रिय है। उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को शिद्दत से निभाया गया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मौका नहीं दिया। सभी ने बैठक में हाथ उठाकर राहुल चौहान को चुनाव मैदान में उतारने का संकल्प लिया। यह खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैलने के बाद भाजपा में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है।
जमकर गरजे विधायक
इस मौके पर कोरकू समाज से जुड़े मेलाघाट विधायक सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों के बीच जमकर गरजे। उन्होंने कहा कि दामजीपुरा की जनता के अनुरोध पर वे यहां आए है। आप लोगों ने निर्णय लिया है तो राहुल चौहान को भाजपा द्वारा उम्मीदवार न बनाने पर निर्दलीय लड़ाया जाएगा। लोकतंत्र में अपने मत का उपयोग करने का सभी को अधिकार है। जब राहुल का सभी ने तिलक कर दिया है तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अब हम चुनाव लड़ेंगे चाहे हमे पार्टी का चुनाव चिन्ह मिले या नहीं।
धारनी विधायक बोले- राहुल को टिक नहीं तो तीन विस हराएंगे
राहुल चौहान के मामा और मेलघाट के विधायक राजकुमार पटेल ने खुलेतौर पर बैठक में कहा कि यदि पार्टी एक सप्ताह में टिकट नहीं बदलती है तो वे खुद चुनाव मैनेजमेंट संभालेंगे। निर्दलीय विधायक ने कहा कि 600 गाड़ियां लगाकर वे खुद मैदान में उतरेंगे। मुंबई में 30-31 को भाजपा की बैठक में भी अपनी बात रखेंगे। यदि संगठन ने बात नहीं मानी तो भैंसदेही के साथ नेपानगर, हरसूद विधानसभा और अमरावती लोकसभा भी पार्टी को हरवा दूंगा। वे यहां भी नहीं रूके और कहा कि उनके जीजा(स्व. सतीष चौहान) की इच्छा थी कि उनका बेटा राहुल विधायक बने। इसके लिए प्रयास कर रहा हूं। बच्चू भाऊ (परतवाड़ा विधायक) मिलकर राहुल को चुनाव लड़वाएंगे और जीत भी दिलाएंगे।




