Today Betul Samachar : गवासेन रेंज कटाई कांड: जांच के लिए बनी टीम, 15 दिनों बाद जंगल पहुंची

Today Betul Samachar: Gawasen range felling incident: Team formed for investigation, reached the forest after 15 days

आंखों पर पट्टी बांधकर तलाशे ठूंठ, खानापूर्ति कर बैरंग लौटे

Today Betul Samachar : वन महकमे में किसी मामले को टालना हो या फाइल कर जांच के नाम पर इतना समय बर्बाद किया जाता है कि जंगलों की शिकायतों में सबकुछ लीपापोती किया जा सकता है। इसके विपरित पश्चिम वन मंडल के गवासेन रेंज में हुई कटाई का मामला उल्टा पड़ता दिखाई दे रहा है। कटाई की शिकायत के बाद सूचना को गंभीरता से लिया और चिचोली टीम की एक टीम गठित कर जांच के लिए जंगल में भेजा, लेकिन नतीजा हमेशा की तरह ढांक के तीन पात की तरह निकला। कहा जा रहा है कि जांच टीम गवासेन रेंज के आमापुर बीट में खानापूर्ति कर लौट आई है।

सूत्र बताते हैं कि पश्चित वन मंडल के आमापुर बीट में पचास से अधिक सागौन के पेड़ माफियाओं ने आसानी से काट लिए। वन विभाग की टीम क्षेत्र में हर दिन गश्ती का दावा कर रही है, लेकिन जानकारों ने बताया कि जिन पचास पेड़ों की कटाई की गई है, इसके लिए कम से कम पांच से छह दिन लगे होंगे। यदि इन 5-6 दिन गश्त करने वाला दल जंगल में नहीं पहुंचा है तो स्वत: लापरवाही उजागर हो रही है। माफियाओं ने बड़े आरे से एक के बाद एक पचास से अधिक पेड़ों की कटाई कर दी। इसके बावजूद वन महकमे को खबर न होना किसी बड़े षड़यंत्र की ओर इशारा कर रहा है।

जानकारी मिलने पर जांच दल हुआ गठित

इस मामले की खासियत यह है कि खामापुर में अवैध कटाई के बाद चिचोली के एसडीओ गौरव मिश्रा को 29 फरवरी को ही शिकायत के बाद चिचोली रेंजर के नेतृत्व में जांच टीम गठित की जा चुकी थी। एक शिकायतकर्ता ने कुरसना अजाई और आमापुर बीट में पेड़ों की कटाई की शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत की जांच के लिए टीम पंद्रह दिन पहले ही जंगल में पहुंच गई थी, लेकिन लीपापोती कर आंख पर पट्टी बांधकर जैसे वापस लौट आई, इसलिए पूरी जांच ही संदेह के घेरे में आ गई है।

सांझवीर की खबर के बाद महकमे में खलबली

सांझवीर के गतांक में गवासेन रेंज में हुई कटाई का मामला प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद पश्चित वन मंडल में हड़कंप मचा हुआ है। डीएफओ से लेकर एसडीओ तक मामले की जांच कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मैदानी अमले ने उन्हें जो सूचना दी है वह सरासर झूठी साबित हो रही है। यदि क्षेत्र के रेंजर सही सूचना देते तो दोबारा महकमे को बुधवार जंगल की खाक नहीं छानना पड़ता। सूत्र बताते हैं कि सांझवीर की खबर बैतूल से निकलकर वन मुख्यालय भोपाल तक पहुंच गई है। वहां से भी कुछ जिम्मेदारों द्वारा जानकारी मांगी गई है।

इसके बाद तय हो गया है कि अवैध कटाई मामले में ऊपर से लेकर नीचे तक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। इस मामले में प्रभारी सीसीएफ पीएन मिश्रा को 9424790300 और पश्चिम वन मंडल के डीएफओ 9424790500 पर कई बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। जबकि प्रधान वन संरक्षक भोपाल को भी इस मामले में संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बैठक में व्यस्त होने के कारण उपलब्ध नहीं हो सके।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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