जिला अस्पताल में अब डॉक्टर के नाम व हस्ताक्षर वाली पर्ची से होगी पैथालॉजी में जांच

नए आदेशों के बाद नियमों को किया लागू, अब पर्चे पर चिड़िया बनाने से नहीं चलेगा काम

बैतूल। जिला अस्पताल में अब उॉक्टर के नाम व हस्ताक्षर वाली पर्ची के बाद ही पैथालॉजी में जांच होगी। अन्यथा पैथालॉजी में जांच नहीं की जाएगी। अब मरीज के पर्चे पर चिड़िया बनाने से काम नहीं चलेगा। स्वास्थ्य विभाग के नए निर्देश आने के बाद अस्पताल में भी नियमों में बदलाव कर दिया है। अब इन नए नियमों के लागू होने से उपचार करवाने आने वाले मरीजों को भी फायदा होगा। जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल के पैथालॉजी में डॉक्टर के नाम व हस्ताक्षर पर ही मरीजों की जांच होगी। ताकि ओपीडी में मरीज अपनी जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित डॉक्टर को इलाज करा सके।

अभी तक ओपीडी में मरीजों की जांच लिखने वाले डॉक्टर का नाम नहीं होने से वे मरीजों की रिपोर्ट नहीं देखते थे। जिसके कारण मरीजों को अस्पताल में इलाज के लिए भटकना पड़ता था। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक की ओपीडी में आने वाले अधिकांश डॉक्टर शाम 5 से 6 बजे ओपीडी में नहीं मिलते। ऐसे में सुबह की ओपीडी में आए मरीजों की जांच रिपोर्ट शाम 4 से 5 बजे तक जारी की जाती थी। जब मरीज रिपोर्ट लेकर मरीज ओपीडी में डॉक्टर के पास पहुंचते तो कई डॉक्टर नहीं मिलते थे। ओपीडी वाले मरीजों के पर्चे के साथ जांच की मांग पत्र पर उनके नाम पते मोबाईल नंबर के साथ-साथ डॉक्टर के हस्ताक्षर के साथ नाम लिखना भी अनिवार्य कर दिया है।

पहले चिड़िया बनाकर भेज देते थे जांच के लिए

जिला अस्पताल में पहले मरीज की ओपीडी पर्ची बनने के बाद डॉक्टर चिड़िया बनाकर जांच के लिए पैथालॉजी में भेज देते थे। पर्चे पर किसी प्रकार से कोई डॉक्टर का नाम नहीं रहता था। पैथालॉजी में भी कार्यरत कर्मचारी भी असमंजस्य में रहते थे कि यह जांच किस डॉक्टर ने लिखी या फिर मरीज ने ही किसी डॉक्टर से चिड़िया बनाकर जांच के लिए बोल दिया। यह पता नहीं लगता था कि जांच के लिए कौनसे डॉक्टर ने भेजा है। कई मरीज ही अपने मन से ही कई प्रकार से जांचे करा लेते थे जो कि जरूरी नहीं है। अब नए नियमों के बाद ऐसा नहीं हो पाएगा। डॉक्टर का नाम व सील साईन होने के बाद ही पैथालॉजी में संबंधित मरीजों की जांच होगी। अन्यथा जांच नहीं की जाएगी।

इनका कहना…

स्वास्थ्य संचनालय से नए आदेश आए है, जिसमें मरीज के ओपीडी पर्चे में अपना नाम व सील लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद ही पैथालॉजी में जांच की जाएगी। यह नए नियम अस्पताल में लागू हो गए है।

डॉ रानू वर्मा, आरएमओ, जिला अस्पताल, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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