Betul Crime News: बैतूल पुलिस का कारनामा: रेप के आरोपी नाबालिग आरोपी को बालिग बताकर जेल भेजा, जब बालिग हुआ तो किशोर न्यायालय भेज दिया

Betul Crime News: Betul Police's feat: Minor accused of rape was sent to jail by calling him an adult, when he became an adult, he was sent to the Juvenile Court.

Betul Crime News:(बैतूल)। बैतूल पुलिस किस तरह काम करती है इसके कई उदाहरण देखने को मिल चुके हैं। एक मामले में तो पुलिस ने सारी हदों को पार करते हुए दुष्कर्म के एक नाबालिग आरोपी की उम्र की जांच किए बिना जिला जेल भेज दिया। तीन वर्ष पुराने इस मामले में आरोपी अभी तक जेल में था, लेकिन पिछले दिनों विधिक सहायता की टीम जेल का निरीक्षण करने पहुंची तो नाबालिग की उम्र कम देखकर दस्तावेज देखे तो उसे किशोर न्यायालय भेज दिया। चौकाने वाली बात यह है कि तीन साल जेल की हवां काटने वाला नाबालिग अब 21 वर्ष का हो चुका हैं और उसे अब यहां भेजने पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूरा हैरान करने वाला मामला पुलिस की लापरवाही के कारण हुआ है।

जानकारी के मुताबिक रानीपुर थाना क्षेत्र के लोहारढाना के 17 साल 10 माह के नाबालिग ने वर्ष 2021 में एक किशोर से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। रानीपुर पुलिस ने उस समय युवक की उम्र के कागजी दस्तावेज परिजनों से बुलाने की बजाए सीधे उम्र 18 वर्ष बताकर न्यायालय में पेश कर डाला। जबकि उस समय दुराचार करने वाले नाबालिग की उम्र 17 वर्ष 10 माह थी। लिहाजा उसके नाबालिग होने के कारण किशोर न्यायालय भेजा जाना था, लेकिन पुलिस ने आरोपी की उम्र 18 वर्ष बताकर कोर्ट में चालान पेश कर दिया और प्रकरण का ट्रायल भी कोर्ट में शुरू कर दिया।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

मामले में नया मोड़ तब आया जब पिछले दिनों रूटीन के मुताबिक जिला विधिक सहायता निरीक्षण के लिए जेल पहुंची। टीम की नजर कम उम्र के इस आरोपी पर पड़ी तो पूछताछ की गई। तब उसके दुराचार के समय नाबालिग होने की बात सामने आई। इस पर निरीक्षण के लिए पहुंचे अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझकर तत्काल इस संबंध में आवेदन देकर न्यायालय को बताया कि जिस वर्ष ओर तारीख को पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया उस तारीख पर आरोपी की उम्र 17 साल 10 माह थी। न्यायालय ने पुलिस द्वारा की गई इस गंभीर खामी पर त्वरित संज्ञान लिया और आरोपी के स्कूल के प्रधानाचार्य को कोर्ट में तलब किया गया।

इस दौरान आरोपी की स्कूल अंक सूची ओर जन्म प्रमाण पत्र भी न्यायालय में पेश किए गए। जिससे यह साफ हो गया कि पुलिस ने इस प्रकरण में काफी जल्दबाजी दिखाई और बिना सोचे समझे आरोपी की उम्र 18 वर्ष बताकर चालान पेश कर दिया। जबकि अंक सूची और जन्म प्रमाण पत्र के मुताबिक गिरफ्तारी के वक्त आरोपी की उम्र मात्र 17 वर्ष 10 माह ही थी और पुलिस को यह प्रकरण किशोर न्यायालय में भेजना था,लेकिन ऐसा नहीं कर नाबालिग अपचारी को न्यायालय में पेश कर सीधे जिला जेल भेज दिया गया। इस मामले के साफ होने के बाद अब आरोपी का प्रकरण किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।

यहां भी फंसा जबदस्त पेच

भले ही विधिक सहायता की टीम ने नाबालिग दुराचार के आरोपी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर उसे उस समय नाबालिग मानते हुए किशोर न्यायालय भेजने के निर्देश दिए। चूंकि इस समय वह लगभग 21 वर्ष का हो चुका हैं, ऐसे में कानून के जानकार भी कह रह हैं कि दुराचार जैसे गंभीर मामले के आरोपी को किशोर न्यायालय भेजा जाएगा तो इससे बच्चों पर गलत असर पड़ेगा। चूंकि आरोपी बालिग हो चुका हैं इसलिए उसे किशोर न्यायालय भेजने पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि पूरे मामले में जिला विधिक अधिकारी सोमनाथ राय और एडीपीओ ओमप्रकाश सूर्यवंशी से चर्चा करने के लिए उनके मोबाइल पर लगातार कॉल किया, लेकिन रिसीव नहीं किए जाने के कारण उनका वर्जन नहीं मिल पाया। जबकि दुराचार के आरोपी के अधिवक्ता ने नाम न प्रकाशित करने पर इस पूरे मामले की हकीकत इस प्रतिनिधि को बताई है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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