Betul News: Video: सरकारी आदेश की अवहेलना कर जमीन पर दोबारा किया कब्जा
Betul News: The land was reoccupied by disobeying the government order

दबंगों की खुलेआम गुंडागर्दी, वीडियो वायरल, पीड़ित ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं माने दबंग, कब्जा हटते ही फिर से कर लिया कब्जा
Betul News: बैतूल। गंज थाना क्षेत्र के कुम्हारटेक गांव में कोर्ट के आदेश के बावजूद दबंगों ने दोबारा जमीन पर कब्जा कर लिया। आधा सैकड़ा से अधिक लोग लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और खुलेआम गुंडागर्दी की। इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हुआ है। पीड़ित ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
कुम्हारटेक निवासी आवेदक कालिया यादव पिता वासुदेव यादव ने अपने नाती मनीष यादव के साथ गंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 5 जून को कार्यपालिक दंडाधिकारी कार्यालय बैतूल द्वारा दिए गए आदेश पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग ने खसरा नंबर 47/3 की उनकी जमीन से अनावेदक दिलीप पिता गुरूबक्स राठौर और रामनाथ पिता साबूलाल का अवैध कब्जा हटाया था। यह कार्रवाई न्यायालय तहसीलदार बैतूल द्वारा राजस्व प्रकरण क्रमांक 0038 अ-70 वर्ष 2016-17 के आदेश दिनांक 26 दिसंबर 2018 के आधार पर की गई थी।

इस आदेश के तहत खसरा नंबर 47/3, रकबा 0.825 हेक्टेयर में से 0.060 हेक्टेयर पर दिलीप राठौर का और 0.140 हेक्टेयर पर बाबूलाल यादव का अवैध कब्जा हटाया गया था। तहसीलदार बैतूल द्वारा इस आदेश को लागू कराने के लिए विभागीय अमले को मौके पर भेजा गया था। लेकिन पीड़ित कालिया यादव का कहना है कि कार्रवाई के अगले ही दिन 6 जून को अनावेदकगण रामनाथ यादव, संजू यादव, कमलेश यादव, दिलीप राठौर और गणेश राठौर दोबारा उनके खेत में घुस आए और कब्जा कर लिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो ये लोग लाठी-डंडों से मारपीट पर उतारू हो गए। पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने दौड़ाकर हमला करने की कोशिश की। साथ ही जान से मारने की धमकी दी।
कालिया यादव ने गंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि अनावेदक से उन्हें खतरा बना हुआ है। इस तरह की दबंगई और खुलेआम कानून की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। पुलिस ने उनकी शिकायत पर एनसीआर दर्ज करते हुए मामले को राजस्व विभाग का बताकर न्यायालय से समाधान लेने की सलाह दी है। गौरतलब है कि कब्जा हटाने की कार्रवाई एक वैधानिक आदेश के तहत की गई थी, जिसे तहसीलदार बैतूल ने स्वयं जारी किया था। इसके बावजूद अनावेदक पक्ष ने सरकारी आदेश की अवहेलना करते हुए दोबारा जमीन पर कब्जा कर लिया।




