Betul kotwali News : हैरत: बैतूल अनुविभाग के कोतवाली में सबसे ज्यादा 284 शिकायतें पेडिंग
Betul Kotwali News: Surprise: Maximum 284 complaints pending in the Kotwali of Betul subdivision.

लोगों को नहीं मिल रहा है न्याय, कई बार शिकायत दर्ज करने पर भी परहेज…
Betul kotwali News :(बैतूल)। पुलिस थानों में कितनी भर्राशाही चल रही है, इसका अंदाजा थानों में पेडिंग शिकायतों से पता लगाया जा सकता है। बैतूल अनुविभाग के कोतवाली थाने में सबसे ज्यादा पेडिंग शिकायतें है। कोतवाली पुलिस द्वारा लोगों की शिकायतों का निराकरण नहीं किया जा रहा है। निराकरण नहीं होने के कारण लोग परेशान होते है। कई बार तो पुलिस द्वारा शिकायत के बाद भी शिकायत दर्ज नहीं की जाती है। थाना प्रभारियों पर पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों का कोई कंट्रोल नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैतूल अनुविभाग के कोतवाली थाने में 290 शिकायतें आई है, जिसमें 284 शिकायतें पेडिंग पड़ी है। 6 शिकायतों पर कायमी की गई।
इसी तरह गंज थाना क्षेत्र में 190 शिकायतें आई, यह सभी शिकायतें पेडिंग है। बैतूलबाजार थाने में 180 शिकायत आई और सांईखेड़ा थाने में कुल 20 शिकायतें आई। यह सभी शिकायत पेडिंग है, जिसका कोई निराकरण नहीं हो पाया है, यह सभी शिकायतें 7 दिसम्बर 2023 तक की है। इन शिकायतों में वाहन चोरी, घरों में चोरी, मारपीट सहित अन्य शिकायतें शामिल है। लोग न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचते है, लेकिन पुलिस उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेती है। शिकायतकर्ताओं को पुलिस ऐसे ही समझा बुझाकर भेज देती है। पेडिंग शिकायतों से ऐसा लग रहा है कि शिकायतों के निराकरण में पुलिस का ढुलमुल रवैया सामने आ रहा है। अगर पुलिस गंभीरता से शिकायतों पर ध्यान देती तो इतनी पेडिंग शिकायतें नहीं होती और लोगों को न्याय भी मिल जाता। कोतवाली थाने में इतनी पेडिंग शिकायतें होना कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी सामने आ रही है।
अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं
जब भी पुलिस के बड़े अधिकारी निरीक्षण के समय और क्राईम मीटिंग के दौरान थाना प्रभारियों को पेडिंग शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए जाते है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का थाना प्रभारी पालन नहीं करते है। अभी कुछ दिन पहले आईजी, डीआईजी ने भी बैतूल पहुंचकर निरीक्षण किया। कई बार कप्तान सिद्धार्थ चौधरी ने क्राईम मीटिंग में पेडिंग शिकायतों को लेकर थाना प्रभारियों को लेकर फटकार लगाई, लेकिन इसका असर थाना प्रभारियों पर दिखाई नहीं दे रहा है। थानों में शिकायतें पेडिंग पड़ी है। ऐसे में बड़े अधिकारियों के निरीक्षण करने और दिशा निर्देश देने का कोई मतलब नहीं निकल रहा है और बड़े अधिकारियों द्वारा इन शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए तो थाना प्रभारियों की लापरवाही उजागर हो सकती है। पुलिस अधिकारी भी इन शिकायतों पर गंभीरता नहीं दिखा रहे है, अन्यथा पेडिंग शिकायतें इतनी अधिक नहीं होती।
इनका कहना…
हां यह सही बात है कि कोतवाली थाने में सबसे ज्यादा पेडिंग शिकायतें पड़ी है। इन सभी शिकायतों का निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। कई बार थाना प्रभारी के बदल जाने से शिकायतों का समाधान करने में दिक्कते आती है।
शालिनी परस्ते, एसडीओपी, बैतूल





