एसपी कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद,

आगन्तुक रजिस्टर भी नहीं मौजूद, कार्यालय में कौन आ रहा इसकी जानकारी नहीं

बैतूल। सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाने वाले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सुरक्षा ही ताक पर नजर आ रही है। यहां लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बन्द पड़े हुए हैं। यह कैमरे सुरक्षा की दृष्टि से तात्कालीन एसपी के कार्तिकेयन ने लगवाए थे। कार्यालय में आगन्तुक रजिस्टर तक अस्तित्व में नहीं है। ऐसे में कौन कार्यालय आ रहा है कौन जा रहा है किसकी शिकायत पर क्या कार्यवाही हुई या नहीं हुई, इसका पता लगाना मुश्किल कहा जा सकता है।

जबकि यह नियम है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगन्तुक रजिस्टर होना अति आवश्यक है तो वहीं पूरे 24 घण्टे सीसीटीवी कैमरे भी चालू रहना जरूरी है। अब इन नियमों का पालन क्यों और किस वजह से नहीं किया जा रहा ये समझ से परे है। हालांकि कार्यालय के सभी सीसीटीवीे बन्द होने की बात अधिकारियों ने सिरे से नकार दी है।

कोने-कोने पर लगे कैमरे बने शोपीस?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कुल 5 कैमरे लगे हुए हैं बाहरी परिसर में लगा हुआ कैमरा पिछले कई महीनों से बन्द पड़ा हुआ है। यही स्थिति कार्यालय के मुख्य द्वार और कक्षों की भी हैं, जहां से पुलिस अधिकारियों समेत कर्मचारियों और आम नागरिकों का आना-जाना लगा रहता है। हर आने जाने वाले लोगों की गतिविधि पर नजर रखे जाने के लिए बड़ी स्क्रीन भी लगाई गई है, लेकिन कैमरे बन्द होने की स्थिति में स्क्रीन सिर्फ शोपीस बनकर रह गयी है।

ऐसे में कार्यालय की सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। कार्यालय में कौन आ रहा कौन जा रहा इसकी जानकारी ना होने से सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
आगन्तुक रजिस्टर नहीं,आवक-जावक के भरोसे काम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक नियमानुसार कार्यालय में आगन्तुक रजिस्टर होना अनिवार्य बताया जा रहा है। यह वह रजिस्टर होता है, जिसमें कार्यालय में आने वाले लोग कार्यवाही को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं। यह रजिस्टर कई दफ्तरों में उपयोग में लाया जाता है।

बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी यह रजिस्टर होना चाहिए, लेकिन इस रजिस्टर की मौजूदगी को सिरे से नकार दिया गया है। एएसपी कमला जोशी का कहना है कि आगन्तुक रजिस्टर कई शासकीय कार्यालयों में रखे जाते है, लेकिन एसपी कार्यालय में लोग अपनी शिकायतें लेकर आते हैं। शासकीय डाक आदि भी कार्यालय भेजे जाते हैं। जिसके लिए मुख्य द्वार के ठीक सामने ही आवक जावक का बूथ बना हुआ है।

कौन सी शिकायते आई हैं कौन लेकर आया है। किस विभाग से कौनसे पत्र आए हैं या निर्देश आए हैं। इसकी एंट्री आवक जावक बूथ पर की जाती है। आगन्तुक रजिस्टर की बात तो आगन्तुक रजिस्टर की यहां ज्यादा आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि शासकीय पत्रों को छोड़ दिया जाए तो कार्यवाही के सम्बंध में सम्बन्धित सीधे अधिकारियों से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र होता है।

इनका कहना…
मैं सीएम वीडियो कांफ्रेंस में हूं। इस संबंध में बाद में जानकारी दें पाऊंगा।

निश्चल एन झारिया, एसपी बैतूल

कैमरे के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। आगन्तुक रजिस्टर की आवश्यकता नहीं है। आगन्तुक रजिस्टर कुछ कार्यालयों में रखे जाते हैं, लेकिन हमारे कार्यालय में इसकी आवश्यकता नही है।
कमला जोशी, एएसपी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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