Betul News: उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान द्वारा किए शोध में बैतूल की वन भूमि सबसे हेल्दी, संस्थान द्वारा प्रदेश के 63 वन्य प्रभागों में किया गया था शोध
Betul News: In the research done by the Tropical Forest Research Institute, the forest land of Betul is the healthiest, research was done by the institute in 63 forest divisions of the state.

बैतूल के वनों में पौधों के विकास और वृद्धि के लिए किसी अतिरिक्त उर्वरक या खाद की आवश्यकता नहीं
Betul News: (बैतूल)। उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान द्वारा किए गए एक शोध में खंडवा, उज्जैन के साथ ही बैतूल की वन भूमि की हेल्थ सबसे बेहतर साबित हुई है। गौरतलब है कि संस्थान द्वारा प्रदेश के 63 वन्य प्रभागों में यह शोध किया गया है। इसके बाद सभी प्रभागों की मृदा के हेल्थ कार्ड भी जारी किए गए है। देश में यह पहली बार है, जब अलग-अलग वन भूमि का हेल्थ कार्ड जारी किया गया है। संस्थान द्वारा महारष्ट्र और छत्तीसगढ़ की वन भूमि में भी यही शोध किया जा रहा है।
संस्थान द्वारा किए शोध में खंडवा, बैतूल और उज्जैन की वन भूमि सबसे बेहतर है। यहां के वनों में पौधों के विकास और वृद्धि के लिए किसी अतिरिक्त उर्वरक या खाद की आवश्यकता नहीं है। वहीं जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर समेत कई जिलों की वन भूमि में अलग-अलग पोषक तत्व की कमी है। यह जानकारी उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान द्वारा किए गए शोध में सामने आई है। हेल्थ कार्ड से अलग-अलग वन क्षेत्रों की मिट्टी संबंधी समस्याओं की पहचान आसान हो गई है। वहीं वन विकास निगमों और पौधारोपण करने वालों को वैज्ञानिक तरीके से पौधरोपण करने और उनका प्रबंधन करने में भी यह कार्ड अहम साबित होगा। हेल्थ कार्ड में अकार्बनिक उर्वरक जैसे यूरिया, एसएसपी, पोटेशियम सल्फेट, जिंक सल्फेट, बोरेक्स, फेरस सल्फेट, मँगनीज सल्फेट, कॉपर सल्फेट का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
जबलपुर में स्थापित किया है उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान
उल्लेखनीय है कि उष्ण कटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान केवल बुनियादी ढांचे में ही उन्नत नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र तथा उड़ीसा सहित मध्य क्षेत्र के उष्णकटिबंधीय वनों की वानिकी तथा पारिस्थितिकी से संबंधित समस्याओं पर अनुसंधान के मुख्य केंद्र के रूप में अपने आप को विशेष बना लिया है। संस्थान जबलपुर में स्थापित किया गया है। संस्थान का उद्देश्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र तथा उड़ीसा राज्यों को सम्मिलित कर मध्य भारत में वनों तथा वानिकी सेक्टर के धारणीय विकास में मजबूत अनुसंधान सहायता उपलब्ध करवाने के लिए ष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान को एक केंद्रीय संस्था के रूप में विकसित करना है।
इस संस्थान की अध्यक्षता निदेशक करते है तथा 36 वैज्ञानिकों तथा 21 अधिकारियों सहित कर्मचारियों की संख्या 201 है। संस्थान का कैम्पस जबलपुर के 10 कि.मी. पूर्व में एन.एच. 12ए में स्थित है। कैम्पस 109 हेक्टेयर के मनमोहक परिवेश के बीच में स्थित है। इसके अतिरिक्त संस्थान के पास संस्थान से 8 कि.मी. दूर 300 हेक्टेयर का प्रयोगात्मक क्षेत्र है। क्षेत्र की जलवायु अर्ध शुष्क है तथा वार्षिक वर्षण 1358 मि.मी. है। संस्थान का कैम्पस कार्यालय कम प्रयोगशाला भवन, पुस्तकालय तथा सूचना केंद्र, जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, आवासीय भवन, बैंक, पोस्ट आफिस, डिस्पैन्सरी, केंद्रीय विद्यालय, समुदाय भवन, विद्यार्थी पारगमन हास्टल, वैज्ञानिक हास्टल, खेल का मैदान तथा विश्राम गृह जैसी सुविधाओं से पूर्णत: विकसित है।




