Betul News: ड्रेनेज निर्माण बना मुसीबत: गड्ढे खोदकर छोड़े, 15 दिन से बंद काम से कोठीबाजार में बदबू और खतरा

खुले गड्ढों में जमा हो रहा गंदा पानी, दुकानों में खड़ा रहना मुश्किल, राहगीर हो रहे चोटिल
Betul News: बैतूल (सांझवीर टाईम्स)। शहर के व्यस्ततम कोठीबाजार क्षेत्र में चल रहा ड्रेनेज निर्माण कार्य अब स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। पिछले लगभग पांच महीनों से चल रहे इस निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है, वहीं बीते करीब 15 दिनों से काम पूरी तरह बंद पड़ा है। सिंगरौली की निर्माण एजेंसी सीएम इंफ्रा द्वारा अधूरा काम छोड़ दिए जाने से क्षेत्र में बदहाल स्थिति बन गई है।
गांधी चौक से पुराने पोस्ट ऑफिस तक नाली का निर्माण तो किया गया है, लेकिन उस पर छत नहीं डाली गई है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं। इन खुले गड्ढों और अधूरी नालियों में पिछले 15 दिनों से आसपास के घरों और दुकानों से निकलने वाला निस्तारी का पानी जमा हो रहा है। जमा पानी अब सडऩे लगा है और उससे उठ रही तेज बदबू ने पूरे इलाके का माहौल दूषित कर दिया है।

दुकानों में ग्राहकों का खड़ा रहना मुश्किल
स्थानीय रहवासी अधिवक्ता पीयूष ने बताया कि दो सप्ताह से काम पूरी तरह बंद पड़ा है। नालियों को ढंका नहीं गया है और कई जगह खुदाई कर छोड़ दी गई है। उनके घर के पास भी गहरा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है। निस्तारी के पानी से उठ रही बदबू इतनी अधिक है कि दुकानों में आने वाले ग्राहक कुछ देर खड़े तक नहीं रह पाते। यह बदबू घरों के अंदर तक पहुंच रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति से लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पडऩे की आशंका बढ़ रही है, लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
रास्ता हुआ बाधित, गड्ढों से बढ़ा खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पांच महीने बीत जाने के बाद भी करीब 500 मीटर ड्रेनेज का काम पूरा नहीं हो सका है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण पुराने पोस्ट ऑफिस के पास का रास्ता भी कई दिनों से बाधित है। यह मार्ग बोहरा मोहल्ला होते हुए आजाद वार्ड से टिकारी क्षेत्र को जोड़ता है, जहां से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।
स्थानीय नागरिक बबलू के अनुसार वर्तमान में रमजान का पवित्र महीना चल रहा है, जिसके कारण बोहरा और मुस्लिम समाज के लोगों का इस रास्ते से लगातार आना-जाना लगा रहता है। बावजूद इसके, यहां गहरे गड्ढों के बीच केवल दो से ढाई फीट का संकरा रास्ता छोड़ा गया है।
इससे कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हुआ तो यहां किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ड्रेनेज निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।




