Betul Samachar : सफाई कर्मियों की हठधर्मिता, शहरवासियों को खुद करना पड़ रहा सफाई
Betul Samachar: Stubbornness of cleaning workers, city residents have to do the cleaning themselves

कई वार्डों में सुपरवाइजर औपचारिकता निभा रहे, लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी नतीजा सिफर
Betul Samachar : (बैतूल)। भले ही नगरपालिका में सफाई पर लाखों रुपए प्रति माह खर्च किए जा रहे हो, लेकिन परिणाम शून्य ही नजर आ रहे हैं। मुख्य मार्गों के साथ ही सबसे ज्यादा वार्डों के भीतरी हिस्सों की हालत खराब है। वार्डों की स्थिति यह है कि जिन सफाई कर्मियों को रोजाना सडक़ों की सफाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन सफाई कर्मियों ने मनमौजी रवैय्या अपनाया हुआ है। जब मन मे आता है सफाई कर दी जाती है, लेकिन हाजरी प्रतिदिन की लगाई जाती है। ऐसे में जहां लोग गन्दगी से परेशान हैं तो वहीं सफाई के नाम नगरपालिका को खर्च किए जा रहे लाखों रुपए का चूना भी लग रहा है।(Betul Samachar)
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खुद ही सफाई में जुटे हैं शहरवासी (Betul Samachar)
नगरपालिका की स्वच्छता शाखा मे वार्डों के भीतरी हिस्सों में सफाई का जिम्मा स्थानीय सफाई कामगारों को दिया गया है। हालात यह हैं कि वार्डों में सप्ताह में 2 या 3 दिन ही सफाई हो रही है। घरों के सामने सडक़ों पर कचरा होने के चलते लोगों को खुद ही झाडू लगानी पड़ रही है। तिलक वार्ड निवासी लता कुमरे, माया देशमुख ने बताया कि वार्ड में कभी कभार ही साफ सफाई के लिए कर्मचारी आते हैं। इसकी वजह से उन्हें खुद ही अपने घरों के सामने सडक़ पर झाडू लगानी पड़ती है। यदि सफाईकर्मी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाएं तो साफसफाई भी नजर आएगी और स्वच्छता का नारा भी बुलन्द हो सकेगा।(Betul Samachar)
सुपरवाइजर बने मूकदर्शक (Betul Samachar)
नगरपालिका में साफ-सफाई की निगरानी किए जाने के लिए बाकायदा सुपरवाइजर भी नियुक्त किए गए है। इनकी जिम्मेदारी है कि वे रोजाना वार्डों में घूम-घूमकर इसकी तस्दीक करें कि प्रतिदिन सफाई हो रही है या नहीं, लेकिन जिस तरह के हालात नजर आ रहे हैं उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सुपरवाइजर भी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा पा रहे हैं। यही वजह है कि सफाईकर्मी मनमर्जी के मुताबिक अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।(Betul Samachar)





