Betul Samachar : अस्पताल में लगेगी ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन मशीन
Betul Samachar: Blood component separation machine will be installed in the hospital

यूनिट बनाने की कवायद जारी, एक यूनिट में चार को मिलेगा जीवनदान
Betul Samachar : (बैतूल)। जिला अस्पताल में ब्लड की जरूरत वाले गंभीर मरीजों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। लाखों रूपए कीमत की ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन मशीन अस्पताल में लगने वाली है। इस मशीन की मदद से एक यूनिट ब्लड से 3 से 4 मरीजों को जिदंगी मिल सकती है। जिला अस्पताल बैतूल को मध्यप्रदेश शासन तरफ से ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। मशीन लगाए जाने को लेकर स्थान तय कर लिया है। मशीन के लगाने को लेकर काम प्रारंभ हो चुका है। यह मशीन जिलेवासियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा ने बताया कि ब्लड कम्पोनेंट सेपरेशन मशीन स्थापित करने को लेकर अक्टूबर में एप्रूवल मिल गया था। अब मशीन लगाने को लेकर सामान भी पहुंच चुका है।
जिला अस्पताल के पैथालॉजी में इस मशीन को लगाया जाएगा। पैथालॉजी को खाली करने की कवायद तेज कर दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि जनवरी या फरवरी में मशीन अस्पताल में शुरू हो जाएगी और इसका मरीजों को लाभ मिलने लगेगा। कई दिनों से इस मशीन की मांग हो रही थी। आखिरकार जिलेवासियों का इंतजार खत्म हो गया है। पिछले कुछ महीनों में देखा जा रहा है कि अस्पताल में अब नई-नई मशीनें लगने से सुविधाएं बढ़ते जा रही है। जैसे ही अस्पताल में सुविधाएं बढऩे लगी, जिलेवासियों को भी बड़ी राहत मिल रही
इस तरह से मशीन करती है काम
ब्लड कम्पानेंट सेपरेशन मशीन यूनिट में ब्लड में से प्लाज्मा, आरबीसी और प्लेटलेट्स को पृथक करती है और यह पृथक करने के बाद आवश्यकता अनुसार मरीजों को चढ़ाया जाता है। एक यूनिट ब्लड में तीन से चार लोगों को फायदा मिलेगा। अभी यह यूनिट नहीं होने के कारण एक यूनिट ब्लड एक ही मरीज के काम आता है। इस मशीन की शुरूआत होने के बाद बड़ा फायदा यह होगा कि थैलेसीमिया, डेंगू, एनीमिया, आरबीसी, स्वाईन फ्लू, मलेरिया सहित अन्य मरीजों को फायदा होगा।
इन मरीजों ब्लड की जरूरत न होकर कम्पोनेंट चाहिए। मशीन के आने के बाद मरीजों को कम्पोनेंट ब्लड के लिए अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा। सीएस डॉ बारंगा ने बताया कि ब्लड में चार कम्पोनेंट होते है, जिसमें रेड ब्लड सेल, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीसिपटेट शामिल है। सेपरेशन मशीन में ब्लड को घुमाया जाता है और ब्लड परत दर परत अलग हो जाता है। इस तरह से एक यूनिट में तीन-चार मरीजों की जरूरत पूरी हो जाती है।
मशीन लगाने पहुंचा सामान
सीएस ने बताया कि जिला अस्पताल में मशीन लगाने को लेकर स्थान चयन कर लिया है। इस मशीन को पैथालॉजी के स्थान पर लगाया जाएगा। मशीन लगाए जाने को लेकर सामान अस्पताल को उपलब्ध हो चुका है। जल्द ही तेजी से मशीन लगाने का काम पूरा करेंगे। खास बात यह है कि इस मशीन से एक यूनिट ब्लड से चार लोगों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। मशीन आने पर जिलेवासियों को फायदा भी मिलेगा। जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में ब्लड संबंधित मरीज उपचार करवाने पहुंचते है। मशीन की शुरूआत होने से ब्लड की कमी को भी कुछ हद तक दूर किया जा सकेगा। मशीन को लगाए जाने को लेकर टेक्रिकल टीम भी बैतूल पहुंचेगी और मशीन के संचालन को लेकर स्थानीय कर्मचारियों ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि सफलतापूर्वक मशीन का संचालन हो सके।
इनका कहना…
जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेशन मशीन लगाने का काम जल्द किया जाएगा। इसके लिए स्थान का भी चयन हो गया है। जल्द ही जिलेवासियों को मशीन का लाभ भी मिलना शुरू होगा।
डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन, बैतूल




