कल आरआई ने किया था दावा- यूनीपोल का काम बंद कराया 

इधर नपा के निर्देशों को ठेंगा दिखाकर ठेकेदार ने दो चौराहों पर यूनीपोल का बेस किया खड़ा

बैतूल। एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि नपा के अधिकारियों में कोई तालमेल नहीं है। होर्डिंग लगाने के टेंडर के नाम यूनीपोल स्थापित करने को लेकर सांझवीर टाईम्स सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित कर रहा है। इसके बाद कल नपा के राजस्व निरीक्षक ने दावा किया था कि ठेकेदार को फिलहाल पार्षदों और सभापति नाराजगी के बाद काम बंद करने के लिए कह दिया है।

इसके विपरित होर्डिंग लगाने वाली फर्म रातोंरात कारगिल चौक, नेहरू पार्क चौक, बसस्टैंड और कालेज चौक पर यूनीपोल का ढाचा तैयार कर नपा के मौखिक निर्देशों की धज्जियां उड़ा दी। इस बात से साफ जाहिर है कि संबंधित फर्म को नपा के अधिकारियों के निर्देशों की कोई कदर नहीं है। इसे कहीं न कही राजनैतिक दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

नगरपालिका में कई वर्षों बाद होर्डिंग लगाने के लिए निविदा निकाली गई थी। इसके लिए 34 शर्तों का उल्लेख टेंडर में किया गया था। इस आधार पर जिस फर्म को तीन वर्ष का होर्डिंग लगाने का टेंडर मिला। उन्होंने शहर की अलग-अलग लोकेशन पर 91 होर्डिंग लगा दिए, लेकिन मामला यूनीपोल पर पहुंचने के बाद विवादित हो गया।

सबसे बड़ी बात यह है कि होर्डिंग की शर्तों का उल्लंघन होने के बाद भाजपा शासित नपा के अलावा विपक्षी पार्षद भी खासे नाराज बताए जा रहे हैं। सभी ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। इसके बाद यूनीपोल लगाने के मामले में नपा को अपना तर्क देना पड़ा था कि सारे काम नियम से किए जा रहे हैं, लेकिन जब वस्तुस्थिति सामने आई तो ठेकेदार को मौखिक रूप से होर्डिंग लगाने के लिए राजस्व निरीक्षक ब्रजगोपाल परते ने मना कर दिया।

रातोंरात यूनीपोल लगाकर निर्देशों की अवहेलना

गुरुवार को ही राजस्व निरीक्षक परते ने सांझवीर टाईम्स को बताया था कि पार्षदों और कुछ लोगों की नाराजगी के बाद फिलहाल फर्म को यूनीपोल लगाने के लिए मना कर दिया है। उन्होंने यह बात भी कही थी कि वे खुद निगरानी कर रहे हैं, लेकिन उनकी जानकारी देने के कुछ घंटे बाद रातोंरात में फर्म ने शहर के कारगिल चौक, नेहरू पार्क चौक, बसस्टैंड, कालेज चौक पर यूनीपोल का ढाचा तैयार कर खड़ा कर दिया।

इस बात से साफ जाहिर है कि नपा के किसी भी आदेश से फर्म को कोई मतलब नहीं है। इसी वजह डंके की चोट पर रातोंरात अपने कर्मचारियों से यूनीपोल लगाने का स्ट्रेक्चर तैयार कर नपा को ही चुनौती दे डाली है। इस मामले में राजस्व निरीक्षक का तर्क है कि उन्होंने बोला था, लेकिन 91 होर्डिंग में ही यूनीपोल फर्म ने लगाए हैं। अब उनकी बात में कितनी सच्चाई है, यह तो वे ही जाने, लेकिन यह मामला अब लोक उपयोगिता अदालत तक पहुंचने की खबर है।

दूसरे जिले में अलग से निकले यूनीपोल के लिए टेंडर

नपा राजपत्र का हवाला देकर बार-बार गुमराह करने का प्रयास कर रही है कि यूनीपोल और होर्डिंग एक ही शब्द है, लेकिन भोपाल तक के अधिकारी इसे अलग-अलग बता रहे हैं। दूसरा तर्क यह है कि जिन जगहों पर यूनीपोल और होर्डिंग लगे हैं। दोनों के लिए अलग-अलग टेंडर हुए हैं। बैतूल में जिन 34 शर्तों पर टेंडर हुए हैं, उनमें यूनीपोल की कोई जानकारी ही नहीं थी।

बावजूद इसके फर्म को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से नपा ने होर्डिंग के नाम यूनीपोल लगाने के लिए संबंधित को नियम विरूद्ध अनुमति दे दी। दूसरे जिलों से संपर्क किए बिना नपा ने अपना ही नुकसान कर दिया। इसके बाद पूरे शहर में चर्चा है कि तथाकथित राजनैतिक संरक्षण के चलते यह सब हुआ है।

इनका कहना….

मुझे इस बारे में केवल सूचना दी गई थी। यूनीपोल और होर्डिंग की वास्तविकता क्या है, अधिकारियों के साथ बैठकर चर्चा की जाएगी। इसके बाद कोई निर्णय लेंगे।

पार्वती बाई बारस्कर, नपा अध्यक्ष बैतूल 

कल मैंने मौखिक रूप से फर्म को यूनीपोल लगाने का काम बंद करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यूनीपोल क्यों लगाएं, नहीं बता सकता। 91 होर्डिंग में ही यूनीपोल लगाए जाने की जानकारी मिली है।

ब्रजगोपाल परते, राजस्व निरीक्षक बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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