Betul Assembly News : मुलताई में 98 हजार वोट लेने वाले की जीत पक्की

Betul Assembly News: The victory of the person who took 98 thousand votes in Multai is confirmed.

गत चुनाव की अपेक्षा 15 हजार से अधिक वोट अधिक पड़े, मतदान भी अधिक होने से बढ़ सकता है जीत-हार का फासला

Betul Assembly News : (बैतूल)। जिले में किसी समय निर्दलियों के लिए मुफीद रही मुलताई सामान्य विधानसभा सीट अब किसी भी पार्टी का गढ़ नहीं रही है। इसे गजब का ही संयोग कहे कि अब तक हुए चुनाव में पिछले कई वर्षों से केवल डॉ. सुनीलम को छोड़ दिया जाए तो कोई भी लगातार दो बार चुनाव नहीं जीता है। कांग्रेस इस बार तिलस्म को तोड़ने के लिए सुखदेव पांसे की जीत तय मान रही है, जबकि भाजपा के लोग मिथक बरकरार रहने की बात कर रहे हैं। सांझवीर टाईम्स अपने सटीक आंकलन के बाद पाठकों को अवगत कराना चाह रहा है कि इस बार मुलताई में पंद्रह हजार से अधिक वोट बढ़ने के बाद गत चुनाव की अपेक्षा जीतने वालों को दस हजार से अधिक वोट लेने पर ही विजयी श्री मिलेगी। यानी लगभग 98 हजार से 1 लाख 3 हजार तक वोट हासिल करने वाला उम्मीदवार जीत का सेहरा पहन सकता है। यदि यह स्थिति रही तो यहां हार जीत का फैसला बढ़ा भी हो सकता है।

Betul Assembly News : मुलताई में 98 हजार वोट लेने वाले की जीत पक्की

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सुखदेव पांसे और भाजपा ने राजा पवार को मैदान में उतारा था। कुनबी और पवार समाज के दो बड़े नेताओं के बीच हुए मुकाबले में पांसे 17 हजार वोटों से चुनाव जीतने में सफल हो पाए थे। उस चुनाव में भी करीब एक दर्जन मैदान प्रत्याशी मैदान मेें उतरे लेकिन अधिकांश की जमानत जब्त हो गई। 10 प्रत्याशियों में दस हजार वोट बट गए। विजयी उम्मीदवार सुखदेव पांसे को 88 हजार 279 वोट मिले थे। उनके निकटतम रहे भाजपा उम्मीदवार राजा पवार को 70 हजार 969 वोट हासिल करने में कामयाब रहे। उस समय पांसे की जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन जीत-हार का अंतर 10 हजार के आसपास का अंदाजा लगाया जा रहा था। हालांकि यह फासला 17 हजार से अधिक का रहा। इधर वर्तमान चुनाव में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बदलकर चंद्रशेखर देशमुख पर दांव खेला है। यहां पर दोनों कुनबी समाज के प्रत्याशियों के बीच रोचक मुकाबला हो रहा है।

ऐसे मिल सकती है जीत

सांझवीर टाईम्स के सटीक आंकलन पर यकीन करें तो इस बार मुलताई में मुकाबला कड़ा जरूर है, लेकिन हार-जीत का फासला बड़ा हो सकता है। चूंकि पिछले विधानसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार 15 हजार 283 मतदाता बढ़े हैं। लिहाजा नए मतदाताओं का विश्वास हासिल करने वाले उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक बताई जा रही है। यानी पिछले बार जीत हासिल करने वाले कांग्रेस उम्मीदवार सुखदेव पांसे को मिले 88 हजार वोटों से इस बार कोई भी उम्मीदवार 10 हजार से 13 हजार तक अधिक मत लेने पर जीत हासिल कर सकता है। सांझवीर टाईम्स के आंकलन के मुताबिक नए मतदाता जीत-हार मेें निर्णायक भूमिका अदा करेंगे। इसी वजह सभी की नजर मुलताई सीट पर टिकी हुई है। यहां पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफी करीबी चंद्रशेखर देशमुख और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के विश्वस्त सुखदेव पांसे के बीच मुकाबला है।

निर्दलियों की नहीं दिख रही छाप

इस बार कांग्रेस ने जिस मैनेजमेंट से चुनाव लड़ा है, इसकी तारीफ सभी दूर की जा रही है। मुलताई में कांग्रेस का एक भी बागी मैदान में नहीं था। शेष चारों विधानसभा में कहीं न कहीं कांग्रेस की परेशानी निर्दलीय और कुछ बागी बिगाड़ रहे हैं, लेकिन मुलताई इससे अछूता है। चुनाव परिणाम के बाद चर्चा चल रही है कि मुलताई में सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। यहां भाजपा के ही दो बागी निर्दलीय मैदान में है तो गोंगपा और जयस का माहौल नहीं दिखाई दे रहा है। लिहाजा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच माना जा रहा है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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