Betul Politics : सरकार किसी की भी बने , बैतूल को मिलेगा मंत्री पद का तोहफा

Betul Politics: Whoever forms the government, Betul will get the gift of ministerial post.

बैतूल, भैंसदेही और मुलताईं को मिल सकती है प्राथमिकता

Betul Politics (बैतूल)। भले ही मतगणना होने को अभी एक सप्ताह शेष है पर प्रत्याशियों के दिलों की धड़कने तेज हैं। कौन जीतेगा कौन हारेगा यह तो भविष्य के गर्भ में समाया हुआ है, लेकिन 3 दिसम्बर की स्तिथि को लेकर प्रत्याशियों के साथ-साथ आम मतदाता भी काफी उत्सुक नजर आ रहा है, लेकिन मतगणना के बाद क्या स्थिति बनती है। इसके समीकरण भी बनने लगे हैं।

राजनीति के जानकारों की माने तो सरकार किसी की भी बने बैतूल जिले की पांच में से तीन विधानसभाओं में मंत्री पद मिलने की संभावनाएं अभी से नजर आ रही हैं। इसकी वजह यह है कि कई प्रत्याशी ऐसे है, जिन्हें अपने सीनियर होने के साथ-साथ समाज के प्रतिनिधित्व का भी लाभ मिल सकता है। जिसकी बानगी मंत्री का पद मिलने के रूप में देखने को मिल सकती है।

वैश्य समाज का हेमंत , निलय को मिल सकता है फायदा

Betul Assembly Election : बैतूल में जीतने के लिए लगेंगे 1 लाख 5 हजार से अधिक वोटपिछले चुनावों की तरह बैतूल विधानसभा में इस बार फिर भाजपा से हेमंत खंडेलवाल और कांग्रेस से निलय डागा चुनाव मैदान में हैं। हेमंत खंडेलवाल पार्टी के सीनियर नेता होने के साथ साथ एक बार सांसद और एक बार विधायक होने के साथ साथ इनकी संगठन में भी अच्छी पकड़ है। श्री खंडेलवाल वैश्य समाज से ताल्लुक भी रखते हैं। यदि इस चुनाव में हेमंत खण्डेलवाल की लॉटरी लगती है तो उन्हें मंत्री पद मिलने की पूरी संभावना बन रही है। वो भी तब जब प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बने।

हेमंत खंडेलवाल को वैश्य समाज के होने के साथ साथ बैतूल विधान सभा का दूसरी बार नेतृत्व किये जाने का फेक्टर भी उनके मंत्री पद का रास्ता साफ कर सकता है। श्री खण्डेलवाल की संगठन में पकड़ भी उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसके ठीक विपरीत कांग्रेस विधायक एवं प्रत्याशी निलय डागा की बात करें तो उनके भी मंत्री बनाए जाने की संभावनाएं प्रबल मानी जा रही हैं। विरासत में मिली राजनीति के साथ साथ श्री डागा भी वैश्य समाज से ताल्लुक रखते हैं। और प्रदेश कांग्रेस में उनकी पकड़ भी काफी मजबूत होने के साथ साथ उनकी पहचान भी एक दबंग नेता के रूप में बन चुकी है।

यदि इस चुंनाव में निलय डागा विजय हासिल करते हैं और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो निलय डागा भी मंत्री बनाये जा सकते हैं। क्योंकि ये दूसरी बार होगा कि निलय डागा बैतूल विधान सभा से विधायक बनेंगे। साथ ही मंत्री मंडल में वैश्य समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर भी उनका नम्बर लग सकता है। निलय डागा की प्रदेश कांग्रेस चीफ कमलनाथ की नजदीकियां और विश्वास भी उनके मंत्री पद हासिल किए जाने की प्रबल संभावनाएं निर्मित कर सकता है।

मुलताईं और भैंसदेही भी नहीं पीछे

Betul Politics : सरकार किसी की भी बने , बैतूल को मिलेगा मंत्री पद का तोहफासरकार किसी कि भी बने बैतूल को मंत्री मंडल में मिलने वाले प्रतिनिधित्व से मुलताईं और भैंसदेही विधान सभा भी अछूती नहीं है। मुलताईं में सुखदेव पांसे के भी मंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ है। क्योंकि वर्ष 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही कमलनाथ के कट्टर समर्थक माने जाने वाले सुखदेव पांसे को पहली बार मे ही बिना किसी हिला हवाली के मंत्री पद से नवाजा गया था।

यदि इस बार फिर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार काबिल होती है तो सुखदेव की भी मंत्री मण्डलं में लाटरी लगना तय माना जा रहा है। भैंसदेही विधान सभा मे भी कुछ यही समीकरण निर्मित होते नजर आ रहे हैं। यहाँ कांग्रेस के धरमु सिंह और भाजपा के महेंद्र सिंह की राजनीति और अनुभव भी उन्हें मंत्री पद की तरफ खींचता नजर आ रहा है। यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है ओर धरमु चुंनाव जीत जाते हैं। तो वे तीसरी बार विधायक का चुंनाव जीतकर सीनियर पॉलिटिशियन्स में शामिल हो जाएंगे। धरमु को आदिवासी कोटे से मंत्री भी बनाया जा सकता है।

इसके ठीक विपरीत भाजपा के महेंद्र सिंह भी मंत्री पद के तगड़े दावेदारों के रूप में उभरकर सामने आ सकते हैं, क्योंकि भैसदेही विधान सभा से महेंद्र छठवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं । इसके पहले इसी विधान सभा से उन्होंने तीन बार विधायकी हासिल कर विधान सभा का नेतृत्व किया तो दो चुंनाव हार भी चुके हैं। इस चुंनाव मे यदि महेंद्र पर फिर क्षेत्र की जनता विश्वास करती है और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है तो महेंद्र सिंह भी मंत्री पद के प्रबल दावेदारों की सूची में शामिल हो जाएंगे, क्योंकि इसी क्षेत्र से वे चौथी बार चुनाव जीतकर जहां विधान सभा मे अपने क्षेत्र का चौथी बार प्रतिनिधित्व करेंगे तो आदिवासी समाज का होने का फायदा भी उन्हें मिल सकेगा। जो भी है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि आने वाला समय किसका कैसा होता है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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