Betul ki Khabar: एक साल की लेटलतीफी नपा को पड़ी भारी, अब 18 लाख की सीधी चपत

14 लाख में होना था पोल-ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग का काम, अब 32 लाख होंगे खर्च, पीआईसी में पहुंचा प्रस्ताव
Betul ki Khabar: बैतूल। शहर में सड़क चौड़ीकरण और व्हाइट टॉपिंग के बाद भी बिजली पोल और ट्रांसफार्मर हटाने में नगर पालिका की लेटलतीफी अब उसी पर भारी पड़ती नजर आ रही है। बस स्टैंड से कोतवाली चौक तक सड़क को व्यवस्थित करने की कवायद के बीच लल्ली चौक से कोतवाली चौक के बीच कई बिजली पोल और ट्रांसफार्मर अब भी सड़क के बीचोंबीच खड़े हैं।
पिछले करीब एक साल से इनकी शिफ्टिंग का मामला लंबित बताया जा रहा है। अब स्थिति यह है कि जिस काम को पहले करीब 14 लाख रुपए में पूरा किया जाना था, उसके लिए नगर पालिका को करीब 32 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे।
मुल्ला पेट्रोल पंप से कोतवाली चौक तक बिजली पोल और ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग पहले ही की जा चुकी है। इसके बाद लल्ली चौक से कोतवाली चौक तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और व्हाइट टॉपिंग का काम किया गया। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद भी विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर निर्धारित स्थान से नहीं हटाए गए। ऐसे में सड़क के बीच खड़े ये पोल वाहन चालकों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
बताया जा रहा है कि पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग को लेकर करीब एक साल पहले ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी थी, लेकिन मामला लंबे समय तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। समय पर काम नहीं होने के कारण अब इसकी लागत भी बढ़ गई है। पहले करीब 14 लाख रुपए में होने वाला काम अब लगभग 32 लाख रुपए में कराने की तैयारी है। यानी नगर पालिका को अब करीब 18 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।
पीआईसी में रखा प्रस्ताव, फिर होंगे टेंडर
बढ़ी हुई लागत को देखते हुए अब शिफ्टिंग का प्रस्ताव नगर पालिका की पीआईसी में रखा गया है। पीआईसी से प्रस्ताव मंजूर होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। टेंडर के बाद ही बिजली पोल और ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट करने का काम शुरू हो सकेगा। यानी लोगों को अभी कुछ समय और सड़क के बीच खड़े पोल-ट्रांसफार्मरों से परेशानी उठानी पड़ सकती है।
समय पर काम होता तो बच सकती थी बड़ी राशि
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क चौड़ीकरण और व्हाइट टॉपिंग की योजना पहले से तय थी, तो बिजली पोल और ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग समय रहते क्यों नहीं कराई गई। यदि शिफ्टिंग का काम पहले ही पूरा हो जाता तो नगर पालिका को बढ़ी हुई लागत का सामना नहीं करना पड़ता। अब करीब 18 लाख रुपए के अतिरिक्त खर्च का भार नगर पालिका के खजाने पर आने की स्थिति बन गई है।
इनका कहना ….
बिजली पोल और ट्रांसफार्मरों की शिफ्टिंग का खर्च बढ़ जाने के बाद प्रस्ताव पीआईसी में रखा गया है। प्रस्ताव पास होने के बाद टेंडर लगाए जाएंगे। इसके बाद शिफ्टिंग का काम शुरू किया जाएगा। ‘
अमित सक्सेना, विद्युत शाखा प्रभारी, नपा बैतूल




