Betul Ki Khabar: नवरात्रि विशेष-02 : स्वयम्भू प्रकट हुई थी अंबा देवी, विदेश से आते है भक्त
Betul Ki Khabar: Amba Devi had manifested herself, devotees come from abroad

अंबा देवी मंदिर में मूर्ति दानदाताओं की वेटिंग लिस्ट 2042 तक
Betul Ki Khabar: आठनेर। स्थानीय बाजार चौक में स्थित प्राचीन और चमत्कारी मां अंबा देवी मंदिर समूचे क्षेत्र का आस्था का केंद्र बिंदु बना हुआ है। सैकड़ों वर्षों से स्थापित यह मंदिर न केवल आठनेर बल्कि आसपास के जिलों और प्रदेशों तक अपनी दिव्यता और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। यहां मां अंबा देवी की प्रतिमा स्वयंभू रूप से प्रकट हुई थी, जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।
शारदीय नवरात्र महोत्सव में इस मंदिर की महिमा और भी बढ़ जाती है। प्रतिवर्ष यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि मां की प्रतिमा दान करने की परंपरा यहां वर्षों से चली आ रही है, लेकिन अब इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि शारदेय नवरात्र में स्थापित होने वाली प्रतिमा के लिए आने वाले पूरे 17 साल तक, यानी वर्ष 2042 तक, मूर्ति दानदाताओं की वेटिंग लिस्ट पूरी तरह भर चुकी है। यह स्थिति इस मंदिर की ख्याति और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का जीवंत उदाहरण है। मंदिर परिसर का वर्तमान स्वरूप भव्य और अद्वितीय है। निर्माण कार्य के बाद मां का दरबार अलौकिक आभा से दमक रहा है।
श्रद्धालुओं को माता ने दिखाएं कई चमत्कार
मंदिर के महंत मनोज जोशी द्वारा नियमित पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। इसी दरबार में मां अंबा के साथ जया-विजया माता की प्रतिमाएं भी स्वयंभू रूप से प्रकट हुईं, जिनका दर्शन श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। श्रद्धालु बताते हैं कि मां के चमत्कारों का प्रत्यक्ष अनुभव उन्होंने स्वयं किया है। कई परिवारों ने बताया कि मां की कृपा से निसंतान दंपत्तियों को संतान सुख की प्राप्ति हुई है, तो कुछ को जीवन की कठिन परिस्थितियों से उबरने का मार्ग मिला है।
शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर यहां 9 दिनों तक मां के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना होती है। प्रतिदिन महाआरती में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। महाआरती का दिव्य दृश्य ऐसा होता है मानो पूरा नगर मां की भक्ति में डूब गया हो। प्रत्येक दिन अलग-अलग प्रकार की प्रसादी का वितरण होता है, जिसे श्रद्धालु बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ ग्रहण करते हैं। आठनेर का यह अंबा देवी मंदिर न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और चमत्कार का जीवंत प्रतीक है।




