Betul Samachar: एकलव्य शिक्षकों की पदस्थापना की गेंद अब शासन के पाले में

Betul Samachar: The ball of posting of Eklavya teachers is now in the government's court.

जनजातीय कार्य विभाग ने भेजी सूची, अन्य तीन स्कूलों में भी अपात्र दे रहे सेवा

Betul Samachar: बैतूल। जनजातीय कार्य विभाग के अंर्तगत आने वाले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में पदस्थ अतिरिक्त शिक्षकों की मनमानी ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली है। अपात्र शिक्षकों की नियम विरुद्ध सेवाओं को लेकर सांझवीर टाईम्स के लगातार खुलासे के बाद जिले के चारों एकलव्य विद्यालयों में पदस्थ उन अपात्रों को अब अपनी मूल पदस्थापना पर लौटना पड़ेगा जो अपने रसूख के बल पर यहां डटे हुए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके लिए जनजातीय कार्य विभाग द्वारा शिक्षकों की सूची शासन को भेज दी गई है। अब केवल निर्देशों का ही इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही निर्देश मिलेंगे इन अपात्रों को इनकी मूल पदस्थापना पर भेजने का दावा किया जा रहा है।

शाहपुर में 27 तो चिचोली में आए 21 केंद्रीय शिक्षक

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एकलव्य आवासीय विद्यालयों में नियम की मुताबिक केंद्रीय भर्ती पास करने वाले शिक्षकों की नियमानुसार पदस्थापना कर दी गयी है। अकेले शाहपुर एकलव्य में ही करीब 27 केंद्रीय शिक्षकों की पदस्थापना की गई है और लगभग इतने ही अतिरिक्त शिक्षक यहां अभी भी डेरा जमाए बैठे हैं। हालांकि केंद्रीय शिक्षकों ने एकलव्य में अपनी सेवाएं देनी भी शुरू कर दी हैं, लेकिन वे अपात्र शिक्षक अभी भी इस विद्यालय में डटे हुए हैं जो अपने रसूख के बल पर चांदी काट रहे थे। ऐसे शिक्षकों की संख्या लगभग 20 से 25 बताई जा रही है।

इसी तरह चिचोली स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में कुल 22 केंद्रीय शिक्षकों कि नियुक्ति की गई है। यहां भी लगभग 6 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें उनकी मूल पदस्थापना पर भेजा जाना है। इसके अलावा एकलव्य आवासीय विद्यालय बैतूल और भैंसदेही में भी कुछ यही स्थिति देखने को मिल रही है, लेकिन अभी तक अपात्रों को जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में पदस्थ नहीं किये जाने से विभाग के कई स्कूलों मे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने सूची तो भेज दी है, लेकिन अब गेंद शासन के पाले में हैं। सूत्र बताते हैं कि कई शिक्षक ऐसे हैं जो ऊपर भी अपना राजनैतिक दबाव दिखाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि एकलव्य की मलाई आराम से खाई जा सके।

एकलव्य के चारों स्कूलों में गड़बड़झाला

सूत्र बताते हैं कि जिले में आदिवासी छात्र-छात्राओं का भविष्य संवारने के लिए बैतूल, चिचोली, भंैसदेही और शाहपुर ब्लॉक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में प्रतिस्कूल लगभग 7 करोड़ रुपए सालाना बजट का प्रावधान किया है। शाहपुर विद्यालय में वित्तीय अनियमितता उजागर भी हो चुकी है। सूत्र बताते हैं कि यदि अन्य तीन स्कूलों की भी जांच की जाए तो इन स्कूलों में भी कहीं ना कहीं बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आना तय माना जा रहा है।

नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर राज्य स्तर के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि इन स्कूलों की जांच राज्य स्तर से गठित समिति द्वारा किए जाने की जरूरत है, ताकि जांच में गड़बड़ी की संभावना न रहे, लेकिन अब देखना यह है कि इन स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों को कब तक मूल पदस्थापना स्थल पर भेजा जाता है। इस मामले को लेकर जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त शिल्पा जैन से उनके मोबाइल 9425394645 पर कई बार काल किया, लेकिन उन्होंने किसी भी नंबर से अपना मोबाइल रिसीव नहीं किया। इससे इस महत्वपूर्ण मामले में उनसे चर्चा नहीं हो पाई।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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