Betul Samachar: लोक अदालत में बैतूल नगरपालिका ने वसूले 47 लाख, जिले में बनाया रिकॉर्ड

राजस्व वसूली में बैतूल अव्वल, भैंसदेही सबसे पीछे, सबसे बड़ी नगरपालिका सारनी भी 8.73 लाख पर सिमटी

Betul Samachar: बैतूल। राष्ट्रीय लोक अदालत में बकाया राजस्व वसूली के लिए चलाए गए अभियान में बैतूल नगरपालिका ने जिले की सभी नगरीय निकायों को पीछे छोड़ते हुए 47 लाख 8 हजार 788 रुपए की रिकॉर्ड वसूली की है। 12 सितंबर को आयोजित लोक अदालत में बैतूल नगरपालिका ने संपत्ति कर, जल शुल्क और दुकान किराया सहित विभिन्न मदों में यह राशि वसूल की।

नगरपालिका की इस उपलब्धि का श्रेय सीएमओ नवनीत पांडेय के नेतृत्व में वरिष्ठ राजस्व निरीक्षक सुभाष प्रजापति और राजस्व अमले की लगातार की गई कार्रवाई और बकायादारों से संपर्क को दिया जा रहा है।

बैतूल में 2700 प्रकरण, 610 का निराकरण

जिले के नगरीय निकायों में राजस्व वसूली के लिए चलाए गए अभियान में बैतूल नगरपालिका का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। यहां लोक अदालत के लिए 2700 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 610 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 47 लाख 8 हजार 788 रुपए की वसूली की गई। अकेले बैतूल की वसूली जिले के अन्य निकायों की तुलना में काफी अधिक रही।

संपत्ति कर से 28.27 लाख, जल शुल्क से 15.38 लाख

बैतूल नगरपालिका में सबसे ज्यादा वसूली संपत्ति कर के रूप में हुई। संपत्ति कर से 28 लाख 27 हजार 752 रुपए, जल शुल्क से 15 लाख 38 हजार 729 रुपए और दुकान किराए से 3 लाख 42 हजार 307 रुपए वसूल किए गए। तीनों मदों को मिलाकर कुल वसूली 47 लाख 8 हजार 788 रुपए रही।

सारनी जैसी बड़ी नगरपालिका भी बैतूल से काफी पीछे

जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका मानी जाने वाली सारनी भी राजस्व वसूली में बैतूल से काफी पीछे रही। सारनी में लोक अदालत के माध्यम से 8 लाख 73 हजार 653 रुपए की वसूली हुई। वहीं मुलताई नगरपालिका ने 11 लाख 14 हजार 793 रुपए और आमला नगरपालिका ने 3 लाख 89 हजार 106 रुपए की वसूली की।

भैंसदेही सबसे फिसड्डी, महज 1.18 लाख वसूली

नगर परिषदों की बात करें तो भैंसदेही का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। यहां लोक अदालत के माध्यम से महज 1 लाख 18 हजार 915 रुपए की राजस्व वसूली हो सकी। घोड़ाडोंगरी में 2 लाख 34 हजार 12 रुपए, शाहपुर में 1 लाख 55 हजार 822 रुपए और आठनेर में 3 लाख 22 हजार 733 रुपए की वसूली दर्ज की गई।

राजस्व वसूली में बैतूल नगरपालिका की सफलता के पीछे बकायादारों से लगातार संपर्क और प्रकरणों के फॉलोअप को प्रमुख वजह माना जा रहा है। सीएमओ नवनीत पांडेय के नेतृत्व में वरिष्ठ राजस्व निरीक्षक सुभाष प्रजापति और राजस्व अमले ने लोक अदालत से पहले बकायादारों से संपर्क कर वसूली के लिए प्रयास किए। इसका असर लोक अदालत के दिन रिकॉर्ड वसूली के रूप में सामने आया।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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