Betul Samachar: ट्रांसफार्मर जलने से 7 दिन से अंधेरे में अमनी गांव

परीक्षा के समय बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, ग्रामीणों ने घेरा जेई कार्यालय
Betul Samachar: आमला। आमला ब्लॉक के अमनी गांव में बीते शुक्रवार को ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद से गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। सात दिन बीत जाने के बावजूद भी विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर बदले जाने या बिजली बहाल करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बिजली बंद रहने से सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, खासकर उन छात्रों पर जो इस समय 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण रात के समय पढ़ाई करना लगभग असंभव हो गया है। मोबाइल की टॉर्च या सीमित बैटरी के सहारे पढ़ाई करना बच्चों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। कई घरों में इनवर्टर या अन्य वैकल्पिक साधन भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में परीक्षा के महत्वपूर्ण समय में बच्चों का भविष्य अंधेरे में नजर आ रहा है। बिजली आपूर्ति ठप होने से केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि गांव की दैनिक दिनचर्या भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, मोबाइल चार्ज करने तक की समस्या खड़ी हो गई है।
छोटे व्यवसाय, किराना दुकानें और दूध संग्रहण जैसे कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के इस मौसम में बिना बिजली के रहना ग्रामीणों के लिए किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है। लगातार शिकायतों के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के जेई कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अमनी गांव में पहले भी बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
इस बार भी सात दिन बीत जाने के बावजूद ट्रांसफार्मर नहीं बदला जाना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित जेई पिछले करीब 9 वर्षों से आमला में ही पदस्थ हैं, इसके बावजूद क्षेत्र की समस्याओं के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रांसफार्मर बदला जाता तो बच्चों की पढ़ाई और गांव की व्यवस्था इस तरह प्रभावित नहीं होती। घेराव के दौरान ग्रामीणों ने जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। वहीं, विद्युत विभाग की ओर से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, लेकिन ग्रामीण अब आश्वासन नहीं, बल्कि तुरंत बिजली चाहते हैं।




