Betul ki Khabar: छोटे नोटों पर किलकिल, 500 के नोटों पर ही लेनदेन का आरोप

सर्विस प्रोवाइडरों का दावा: रजिस्ट्री के नाम पर अलग से मांगी जाने वाली राशि को लेकर कार्यालय में चल रही कथित मनमानी
Betul ki Khabar: बैतूल। जिला पंजीयक कार्यालय बैतूल में रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं और कथित अवैध लेनदेन के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। अब कुछ सर्विस प्रोवाइडरों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर आरोप लगाया है कि रजिस्ट्री के नाम पर अलग से दी जाने वाली राशि में 100 और 200 रुपये के नोट स्वीकार करने से भी कथित तौर पर इंकार किया जाता है। उनका कहना है कि संबंधित कमरे में केवल 500 रुपये के नोटों में ही राशि लेने का दबाव बनाया जाता है।
सर्विस प्रोवाइडरों के अनुसार, रजिस्ट्री से संबंधित कामकाज के दौरान अतिरिक्त राशि देने को लेकर कथित दबाव रहता है। उनका आरोप है कि छोटी राशि के नोट देने पर जिम्मेदारों द्वारा खरी-खोटी सुनाई जाती है, जिसके चलते वे 500 रुपये के नोट देने के लिए मजबूर होते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
वर्षों से जमे अधिकारी पर भी उठ रहे सवाल
बताया जाता है कि बैतूल में जिला पंजीयक दिनेश कौसले लंबे समय से पदस्थ हैं। स्थानीय स्तर पर इतने लंबे समय से एक ही अधिकारी के पदस्थ रहने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप लगाने वाले सर्विस प्रोवाइडरों का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में मकान, दुकान, आवासीय एवं कमर्शियल प्लॉट की रजिस्ट्रियां होती हैं। ऐसे में यदि प्रत्येक रजिस्ट्री पर किसी प्रकार की अतिरिक्त राशि लिए जाने के आरोप सही हैं, तो मामला गंभीर जांच का विषय बन सकता है।
निष्पक्ष जांच से सामने आ सकती है सच्चाई
सर्विस प्रोवाइडरों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। यदि कार्यालय में रजिस्ट्री के नाम पर किसी प्रकार का अनधिकृत लेनदेन हो रहा है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है, ताकि आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।




