Betul News: एसीएसटी केस में फंसे कांग्रेस के दिग्गज: पांसे- डागा को लेना पड़ेगा जमानत

कानूनी जानकार बोले- गवाही और कोर्ट की अनुमति के बाद ही आगे बढ़ सकेगा मामला

Betul News: बैतूल। कांग्रेस के संगठन सृजन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष निलय डागा और उनके समर्थकों पर दर्ज एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़े जाने से मामला और गंभीर हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दोनों नेताओं को भोपाल तलब किया है, वहीं पुलिस कार्रवाई के बाद अब सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार मामले में लगाई गई धाराएं गैरजमानती हैं। ऐसे में यदि भविष्य में दोनों पक्षों के बीच समझौते की स्थिति बनती भी है, तब भी उससे पहले आरोपियों को न्यायालय से जमानत लेना अनिवार्य होगा। जमानत के बाद ही समझौते से संबंधित प्रक्रिया अदालत में आगे बढ़ सकेगी।

न्यायालय से जमानत पहली प्राथमिकता

जिला न्यायालय के युवा अधिवक्ता कलश दीक्षित के मुताबिक, दोनों पक्षों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज होने के कारण यह मामला सेशन ट्रायल के दायरे में आएगा। इसलिए न्यायालय से जमानत प्राप्त करना पहली कानूनी आवश्यकता होगी। इसके बाद यदि समझौता प्रस्तुत किया जाता है तो अदालत दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी एक्ट की धाराएं सामान्य रूप से राजीनामा योग्य नहीं मानी जातीं। ऐसे मामलों में गवाहों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि गवाहों के बयान समझौते के अनुरूप होते हैं तो अदालत उसे आधार बना सकती है, अन्यथा दोनों पक्षों को पूरा ट्रायल झेलना पड़ सकता है।

गिरफ्तारी से मिल सकती है थोड़ी राहत

  दीक्षित ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार यदि आरोपों में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है तो पुलिस तत्काल गिरफ्तारी के बजाय नोटिस जारी कर आरोपियों को जांच में शामिल होने और अदालत में पेश होने का अवसर दे सकती है। इसके बावजूद अंतिम निर्णय न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत ही होगा। राजनीतिक दृष्टि से भी यह विवाद कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।

पिछले कुछ महीनों से जिले में संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने की कोशिशें दिखाई दे रही थीं, लेकिन प्रशिक्षण कार्यक्रम में हुआ यह विवाद अब पार्टी की छवि पर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले की कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नजर बनी रहेगी।

प्रदेश कार्यालय की कार्रवाई पर नजर

बैतूल में कांग्रेस के दो दिग्गजों के बीच टकराहट के बाद प्रदेश कांग्रेस के अगले निर्णय पर सभी की नजर टिकी है। चूंकि पूरा मामला एफआईआर और एसीएसटी प्रकरण तक पहुंच गया है, इसलिए पार्टी की प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जमकर किरकिरी हो रही है। खबर है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने निलय डागा और सुखदेव पांसे को भोपाल तलब किया है। उनसे मामले को लेकर चर्चा के बाद आगे की रणनीति सामने आएगी।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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