Coal India Limited: रूफ फाल में दबी सीएम, कोयला उत्पादन प्रभावित, बड़ी दुर्घटना टली

अधिकारी मामले पर पर्दा डालने में लगे

Coal India Limited: सारनी। कोल इंडियाल लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी डब्ल्यूसीएल पाथाखेड़ा क्षेत्र में रूफ फाल में कंटीन्यूअस माइनर (सीएम) दबने की खबर ने वेकोलि में हडक़ंप मचा दिया है। अपुष्ट सूत्र बताते हैं कि तवा-1 खदान के डब्ल्यू-7 सीएम सेक्शन में करीब 10 से 12 मीटर रूफ फाल कंटीन्यूअस माइनर पर हुआ है। जिससे मशीन पूरी तरह दब गई है और यहां से कोयला उत्पादन शत प्रतिशत प्रभावित हुआ है।

इस घटना के बाद से लगातार अधिकारियों का दौरा खदान में हो रहा है। दरअसल 6 मार्च 2025 को पाथाखेड़ा क्षेत्र की छतरपुर-1 खदान के सीएम सेक्शन में हुए रूफ फाल में अंडर मैनेजर, माइनिंग सरदार और ओवर को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस घटना से पूरा कोल इंडिया कॉप उठा था। बावजूद इसके इस दुर्घटना से सबक लेने के बजाय बार-बार सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अपने आपको भूमिगत खदान के विशेषज्ञ समझने की वजह से हादसे की पुनारावृत्ति हो रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार तवा-1 भूमिगत खदान में सीएम मशीन का संचालन अरविंदों कंपनी द्वारा ठेके पर महेश्वरी कंपनी को दिया गया है और यह कंपनी सीएम मशीन से प्रतिदिन करीब 1000 से 1200 टन कोयला उत्पादन कर रही थी। शुक्रवार सुबह अचानक हुए रूफ फाल में सीएम मशीन दब गई है। जिसके उपर से मलबा हटाने का कार्य जारी है।

गौरतलब है कि पाथाखेड़ा क्षेत्र की भूमिगत तवा-1 खदान में दो सेक्शन से कोयला उत्पादन होता है। जिसमें डब्ल्यू-7 सीएम और एलएचडी सेक्शन शामिल है। दोनों सेक्शनों से आम दिनों में 1500 टन के आसपास कोयला उत्पादन होता है। लेकिन सीएम मशीन रूफ के नीचे दबने के बाद से मात्र एलएचडी सेक्शन से ही कोयला उत्पादन हो रहा है।

बताया जा रहा है कि जहां सीएम सेक्शन है। उसकी दूरी मुहाने से करीब ढाई किलोमीटर अंदर है। यहां कोयला कटिंग के दौरान हादसा हुआ है। इस संबंध में पाथाखेड़ा महाप्रबंधक संजय मिश्रा से उनके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।

दबाव में कर रहे काम

खदान सूत्र बताते हैं कि सब एरिया मैनेजर अरूण शर्मा और मैनेजर उमेश दुबे का व्यवहार कोयला कामगारों के प्रति ठीक नहीं है। जिसके चलते कामगार दबाव में काम कर रहे हैं। यही वजह है कि बार-बार तवा-1 खदान में दुर्घटनाएं हो रही है।

खदान प्रबंधन की लापरवाही की वजह से इस खदान में पानी भरने से लगभग दो माह तक कोयला उत्पादन प्रभावित रहा है। बावजूद इसके प्रबंधन ने अपनी कार्यक्रणाली में सुधार नहीं किया है। जिसके चलते लगातार कोल इंडियाल लिमिटेड को नुकसान हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस खदान में लगभग 500 मेन पॉवर है और रोजाना करीब 1500 टन कोयला उत्पादन होता है।

जीएम का हुआ तबादला

पाथाखेड़ा महाप्रबंधक संजय मिश्रा का तबादला वणीनार्थ हो गया है। इन्होंने नवंबर माह में पाथाखेड़ा क्षेत्र का कार्यभार संभाला था। तवा-1 खदान के सीएम सेक्शन में शुक्रवार सुबह हुए हादसे के बाद अचानक महाप्रबंधक के स्थानांतरण की खबर सामने आई है। गौरतलब है कि मार्च 2025 में हुई दुर्घटना और तवा-1 खदान में पानी भरने के बाद तत्कालीन महाप्रबंधक का स्थानांतरण महज छह माह के भीतर हो गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलहाल पाथाखेड़ा महाप्रबंधक की जिम्मेदारी जीएम ऑपरेशन संभालेंगे।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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