Ward Parikrama: केन्द्रीय राज्य मंत्री के दफ्तर वाले वार्ड की बदहाली : अतिक्रमण, गंदगी और पानी संकट से त्रस्त जनता

वार्ड के कांग्रेस पार्षद ने भेदभाव का आरोप लगाकर खड़े किये हाथ
Ward Parikrama: बैतूल। शहर का प्रमुख व्यवसायिक क्षेत्र और केंद्रीय राज्य मंत्री के कार्यालय वाला वार्ड क्रमांक 17 भगतसिंह वार्ड इन दिनों बदहाली का पर्याय बन चुका है। अतिक्रमण, टूटी सड़कें, नालियां, पेयजल संकट और अव्यवस्थित बाजार व्यवस्था ने वार्डवासियों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि विकास के दावों के बीच यहां के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
वार्ड में लगने वाला साप्ताहिक बाजार अव्यवस्था का शिकार है। सड़कों और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण ने यातायात और सफाई व्यवस्था दोनों को प्रभावित कर दिया है। वीवीएम कॉलेज से स्वागत कॉफी हाउस तक बनी नाली पर कब्जों के कारण पानी की निकासी बाधित हो रही है, जिससे गंदगी और जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही है। रहवासियों का आरोप है कि वार्ड में कई स्थानों पर सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है, जबकि पुरानी सड़कें भी खस्ताहाल हो चुकी हैं। बारिश के दिनों में हालात और गंभीर हो जाते हैं। दूसरी ओर छह-छह दिन बाद पेयजल आपूर्ति होने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
व्यवसायिक केंद्र होने के बावजूद सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं है। वहीं बाजार क्षेत्र के कॉम्प्लेक्स में शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने से सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस वार्ड में केंद्रीय राज्य मंत्री का कार्यालय मौजूद हो, वहां यदि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, तो शहर के अन्य वार्डों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। वार्डवासियों ने नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों से जल्द कार्रवाई कर समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।
इस वार्ड से कांग्रेस के संतोष उमाशंकर दीवान पार्षद है। पार्षद ने तो भेदभाव का आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। वार्ड पार्षद द्वारा कोई कामकाज नहीं किए जाने से वार्डवासियों में आक्रोश पनपने लगा है। पार्षद ने चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किये एक भी वादा पूरा नहीं कर सके। वार्डवासियों का कहना है कि पार्षद ने वार्ड में आकर देखा तक नहीं। समस्या दूर करने की बात तो दूर की है।

क्या कहते हैं वार्डवासी
वार्ड में वर्षों पुरानी नालियों पर अतिक्रमण हो चुका है, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है। वार्ड के भीतर नियमित साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। सफाई कर्मचारी प्रतिदिन नहीं आते। वहीं रात के समय असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे चोरी और अन्य अप्रिय घटनाओं का डर बना रहता है।
– अनिल सराठे, वार्डवासी

वार्ड में छह-छह दिन के अंतराल पर पेयजल आपूर्ति हो रही है। गर्मी के मौसम में लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जलकर बढ़ा दिया गया है, लेकिन पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। नालियों की सफाई कई महीनों से नहीं होने के कारण जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।
– बलवान सिंह, वार्डवासी

गर्मी के दिनों में पानी की समस्या और अधिक बढ़ जाती है। पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वार्ड पार्षद से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। छह दिन बाद होने वाली सप्लाई भी जरूरत के मुताबिक नहीं है।
– सरस्वती माहोरे, वार्डवासी

वार्ड में बढ़ते अतिक्रमण के कारण कई स्थानों पर नालियां पूरी तरह दब चुकी हैं। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती और जलभराव की स्थिति बन जाती है। नगर पालिका में शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। पानी की किल्लत भी बनी हुई है और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-रिताबाई, वार्डवासी

वार्ड के लिए नहीं मिला पर्याप्त बजट : पार्षद
मैं कांग्रेस का पार्षद हूं, इसलिए नगर पालिका द्वारा मेरे वार्ड के साथ भेदभाव किया जा रहा है। वार्ड के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट नहीं दिया गया। हाल ही में 50 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है, लेकिन अब तक कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। सड़क और नाली निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों के लिए मैंने नगर पालिका में कई प्रस्ताव और फाइलें लगाई हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बजट की कमी और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण वार्ड में अपेक्षित विकास नहीं हो सका।




