Betul Politics : चर्चित बनी आमला सीट, दूसरी सूची में भी नाम घोषित नहीं
Betul Politics: Amla seat became famous, name not declared in second list also

निशा को उम्मीदवार बनाने के लिए कांग्रेस ने नाम होल्ड किया
Betul Politics : (बैतूल)। बीती रात नई दिल्ली से घोषित कांग्रेस की दूसरी सूची मेंं एक बार फिर आमला विधानसभा सीट से प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है। सांझवीर टाईम्स पूर्व में ही संभावना जता चुका है कि डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को उम्मीदवार बनाने के लिए कांग्रेस हर स्तर पर प्रयास करेगी। यदि न्यायालय से राहत नहीं मिलती है, तब ही दूसरा उम्मीदवार यहां घोषित किया जाएगा।
गुरुवार रात यह बात सही भी साबित हो गई। कांग्रेस उम्मीदवारों की दूसरी सूची में यहां का नाम होल्ड रखा गया है। पूर्व में चर्चा चल रही थी कि मनोज मालवे का नाम सूची में आ सकता है, लेकिन निशा बांगरे की सरकार को घेरने की रणनीति के कारण हर हाल में कांगे्रस उन पर दाव लगाने के लिए अंतिम समय तक इंतजार करेगी। इसी वजह आमला की सीट पूरे प्रदेश में हाटेस्ट बन गई है।
छतरपुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने 25 जून को अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया था, लेकिन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण उनका इस्तीफा अधर में लटक गया है। इसके बाद से वे तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दबाव बनाते जा रही है, लेकिन उन्हें चार माह में भी राहत नहीं मिल पाई है। आमला विधानसभा सीट से उनकी काफी पहले से चुनाव लड़ने की प्लानिंग थी, इसी वजह उन्होंने इस्तीफा दे दिया। चूंकि गेंद भाजपा सरकार के पाले में है और बांगरे कांग्रेस से टिकट चाह रही है। यही वजह है कि भाजपा सरकार ने उनके खिलाफ जांच भी बैठा दी है। हालांकि वे पदयात्रा से लेकर अनशन पर भी बैठ चुकी है, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही है।
कांग्रेस मौके को भुनाने की तैयारी (Betul Politics)
महिला अधिकारी की दबंग छवि के कारण कांग्रेस इसे भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पहले डिप्टी कलेक्टर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी उनके चुनाव लड़ने से कुछ भी बोलने से इंकार करते रहे, लेकिन उनकी दबंग छवि के कारण अब कांग्रेस हर हाल में उन्हें आमला से उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर रही है। भोपाल में पिछले दिनों सीएम आवास का घेराव करने के बाद सीधे उलझकर पूरे देश की मीडिया में निशा बांगरे ने सुर्खियां बटोर ली। बस यही वजह है कि कांग्रेस ने अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली महिला अफसर के मामले को लेकर फंट्र फुट पर आकर फील्डिंग शुरू कर दी।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्गविजय सिंह उनकी इस लड़ाई में मोटीवेट करते रहे। इसी वजह उनका मामला कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा दिया है। भले ही उन्हें हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार करने के लिए कहा है। हाईकोर्ट से होने वाले इंताजर में आमला की सीट को होल्ट रखकर चर्चा में ला दिया है। पूरे प्रदेश में आमला सीट की अच्छी खासी चर्चा हो रही है।
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28 तक मौका, फिर मनोज या किसकी लगेगी लाटरी?
सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने रणनीति के तहत आमला सीट से प्रत्याशी का नाम होल्ड पर रखा है। 28 अक्टूबर तक नामांकन भरने की तिति है। यदि हाईकोर्ट से डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को राहत मिल जाती है तो वे ही कांग्रेस से उम्मीदवार हीगी। सूत्र बताते हैं कि निशा बांगरे के मामले में राहत नहीं मिली तो गत चुनाव में प्रत्याशी रहे मनोज मामले को टिकट मिलना तय सा है।
एक अपुष्ट सूत्र बताते हैं कि लगातार तीन बार हाथ से छिटक रही आमला सीट को कब्जा में करने के लिए कांग्रेस कोई नया या चौकाने वाला नाम भी सामने ला सकती है। इसकी संभावना पूर्व में भी व्यक्त की जा रही थी, लेकिन निशा पर कांग्रेस को पूर्ण भरोसा है, इसलिए 28 अक्टूर तक कांग्रेस वेट एंड वाच की भूमिका में दिखाई दे रही है।




