Betul Samachar: बैतूल में 90 फीसदी मकानों में अवैध निर्माण, फिर भी अभयदान
Betul Samachar: 90% of houses in Betul have illegal construction, yet there is impunity
प्रशमन शुल्क नियम सिर्फ कागजों में सिमटा, भारी भरकम अमला होने के बावजूद नपा को राजस्व की नहीं चिंता
Betul Samachar: बैतूल। शहर में अवैध निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर पालिका के 33 वार्डों में से करीब 90 फीसदी मकानों में अनधिकृत निर्माण किया गया है। व्यावसायिक क्षेत्र में तो हालात और भी गंभीर हैं, जहां पार्किंग की निर्धारित जगहों पर दुकानों का निर्माण कर दिया गया है। इन सबके बावजूद नगर पालिका के इंजीनियर न तो नियमित सर्वेक्षण कर रहे हैं और न ही प्रशमन के नाम पर कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।
राज्य शासन द्वारा 2021 में नगरपालिक निगम अधिनियम 1956 में संशोधन कर अनधिकृत निर्माण पर प्रशमन शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया था। नियम के अनुसार अनधिकृत कॉलोनियों और सीमांत क्षेत्रों में किए गए निर्माण में मंजूर फर्श क्षेत्र से अधिक 20 फीसदी तक का निर्माण प्रशमन शुल्क लेकर वैध किया जा सकता है। परंतु नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
बिना निरीक्षण के नक्शा पास
नगर में रोजाना नए भवन बन रहे हैं, लेकिन इनमें नक्शा स्वीकृति के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इंजीनियर सिर्फ कागजों में अनुमति प्रदान करते हैं, लेकिन बाद में कोई निरीक्षण नहीं करते। नतीजा यह है कि लोग तय नक्शे से अधिक क्षेत्र में निर्माण कर रहे हैं। कहीं छत पर अतिरिक्त कक्ष बना दिए गए हैं तो कहीं आगे बढ़ाकर बरामदे और सीढ़ियों का निर्माण कर लिया गया है। जानकारों का मानना है कि यदि नगर पालिका सही ढंग से वार्डवार सर्वेक्षण कराए तो स्पष्ट हो जाएगा कि कितने मकानों में प्रशमन योग्य निर्माण हुआ है। इससे राजस्व की वसूली होगी नगर के निर्माण कार्यों पर भी नियंत्रण हो सकेगा।
नियमों की अनदेखी
शहर में बन रहे बहुमंजिला व्यावसायिक कांप्लेक्सों में तो नियमों की सबसे ज्यादा अनदेखी हो रही है। जहां पार्किंग छोड़ना अनिवार्य है, वहां दुकानों का निर्माण कर लिया गया है। लोग निर्माण तो कर लेते हैं लेकिन अनुमति नहीं लेते और नपा के कर्मचारी भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताते। स्थिति यह बन गई है कि नगर पालिका प्रशासन और इंजीनियरों की लापरवाही की वजह से शहर में अतिक्रमण और अवैध निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है।
अगर यही स्थिति रही तो आने वाले वर्षों में शहर की आधारभूत संरचना पर बुरा असर पड़ेगा और ट्रैफिक, जल निकासी जैसी समस्याएं विकराल रूप ले सकती हैं। शहर के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशमन शुल्क की प्रक्रिया को वार्ड स्तर पर प्रचारित करे, जन सूचना जारी करे और इंजीनियरों से सर्वेक्षण कराकर अवैध निर्माणों की सूची तैयार करे ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके और नगर का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
इनका कहना….
यह मामला आपने संज्ञान में लाया है। इसे गंभीरता से दिखवाया जाएगा।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल




