Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: वसूलीबाज अधिकारी को क्यों लगाना पड़ा कड़ी फटकार?? बड़ी तोंद वाले उपनिरीक्षक डिमांड की कैसे हुई शिकायत??? विरोधी खेमे को तवज्जो देने वाले आरआई की वर्षो से मलाईदार जगह पोस्टिंग पर क्यों उठ क्यों रहे सवाल???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..

मोबाइल पर हड़काया तो उड़े तोते
जिला मुख्यालय पर कुछ माह पहले पदस्थ हुए एक अधिकारी लेनदेन करने के लिए अधिक जाने जाते हैं। उनकी इसी आदत से बड़े साहब भी खासे परेशान हो उठे हैं। मंगलवार को बड़े साहब अपने चेंबर से बाहर निकल रहे थे, इसी दौरान एक शिकायत पर उन्होंने सीढ़ी से उतरते समय वसूलीबाज अधिकारी को सीधे फोन कर जमकर हड़का दिया। जिसने भी यह बात सुनी वह दंग रह गया, क्योंकि साहब ने संबंधित अधिकारी को यहां तक बोल दिया कि पैसे लेने के अलावा कोई काम भी कर लिया करो।
मोबाइल पर बात खत्म होने के बाद भी कुछ लोगों को उन्होंने कहा कि इनको पैसे खाने के अलावा कुछ नहीं दिखता,कोई काम करता नहीं। साहब के मुंह से यह बात सुनकर आसपास के लोग भी सन्न रह गए। इन विवादित अधिकारी का कार्यालय पुराने कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित होता है और करीब 6-8 माह पहले यह महाशय 6 साल मलाई खाने वाली एक मैडम की जगह पदस्थ हुए हैं, लेकिन मैडम से आगे निकलने की होड़ में विद्यार्थियों को मिलने वाले करोड़ों के बजट को ठिकाने लगाने में और आगे निकल गए हैं।
—————————–
एफआईआर लिखने के लिए भी वसूली
बैतूल अनुविभाग के एक सबसे महत्वपूर्ण थाने में एक उपनिरीक्षक अपने पेट की तोंद के हिसाब से रिश्वत लेने से नहीं चूक रहे हैं। यह बात कोई नई नहीं है, वे जिस भी जगह रहे हैं कहीं न कहीं उनकी शिकायतें होते रही है। हाल ही में जिला मुख्यालय से 6 किमी दूर पुरानी पदस्थापना के दौरान फरियादी की एफआईआर लिखने पर वह एसपी आफिस में शिकायत लेकर पहुंच गया। जनसुनवाई में फरियादी ने माइक-1 और माइक-3 के सामने भी शिकायत करते कहा कि उससे एफआईआर लिखने के लिए भी राशि ली गई। उसका आरोप था कि विरोधी पक्ष से यदि और अधिक बोली लग जाए तो एफआईआर ही दर्ज नहीं होती, उनका पेट भरता ही नहीं। यह सुन अधिकारी भी सन्न रह गए।
—————
विरोधी खेमे के होने के बाद मलाई खा रहे आरआई
वैसे तो जिस पार्टी की सत्ता रहे, उससे निकटता शासकीय कर्मचारियों की फेहरिस्त में शामिल हैं, लेकिन बैतूल में उल्टा हो रहा है। मुख्यालय के एक आरआई विपक्षी पार्टी के एक प्रमुख के ईद-गिर्द घूमा देखा जा सकता है। तहसील में पार्टी प्रमुख के सिपाहसलार पूरे समय आरआई को घेरे रहते हैं। विपक्षी खेमे का करीब होने के बावजूद वर्षों से यह आरआई मुख्यालय के आसपास के क्षेत्र में ही पदस्थ है।
विपक्षी पार्टी के नेताओं को तवज्जों देने के कारण सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े कालोनाइजर और अन्य लोग आरआई से काफी नाराज बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद उसका मुख्यालय पर फिल्डिंग करना किसी को रास नहीं आ रहा है। पिछले दिनों एक धार्मिक कार्यक्रम में आरआई किए गए स्वागत की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई तो जमकर बवाल मचा, अब देखना यह है कि आने वाले समय में तबादलों की बाहर में आरआई की रवानगी होती है या अंगद के पैर की भांति यही जमे रहते हैं।




