Betul News: रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरों का बोलबाला, जिम्मेदार बने मूक दर्शक

Betul News: Illegal vending prevalent at railway station, silent spectators become responsible

ट्रेनों के साथ-साथ प्लेटफार्म पर भी बिक रही अंडा बिरयानी और खाने की थालियां, आरपीएफ की भूमिका पर उठे सवाल

Betul News: बैतूल। बैतूल रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडरिंग का कारोबार खुलेआम चल रहा है। ट्रेनों के अंदर यात्रियों को अवैध वेंडरों द्वारा खाने-पीने का सामान बेचने की शिकायतें पहले से आती रही हैं, लेकिन अब यह अवैध गतिविधि प्लेटफार्म तक पहुंच गई है। स्थिति यह है कि रेलवे स्टेशन परिसर में बिना किसी लाइसेंस और अनुमति के अंडा बिरयानी, चाय, नाश्ता और यहां तक कि पूरी थाली तक खुलेआम बेची जा रही है।

सूत्र बताते हैं कि आईआईआरटीसी की फर्जी टी-शर्ट पहने अवैध वेंडर यह सब कुछ संबंधित अधिकारियों की नाक के नीचे कर रहे है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। खबर का सबसे खास पहलू यह हैं कि इस पूरे गोरखधंधे में आरपीएफ के ही एक हेड कांस्टेबल की प्रमुख भूमिका बताई जा रही है। प्रति माह अवैध वेंडरिंग के जरिए ही लाखों के खेल सरेआम खेले जा रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक इन अवैध वेंडरों में अधिकांश लोग स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले हैं, जो अपने घरों से खाने की पैकिंग कर लाते हैं और बिना किसी डर के प्लेटफार्म या ट्रेनों में यात्रियों को ऊंची कीमतों पर बेच रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रेन के रुकते ही ये वेंडर प्लेटफार्म पर पहुंच जाते हैं और यात्रियों को ठंडा पानी, बिस्किट, बिरयानी, और थाली जैसे आइटम बेचने लगते हैं।

कुछ जागरूक नागरिकों ने तो बकायदा इसके विडिओ तक बनाकर सार्वजनिक किए हैं। इस पूरे खेल में कुछ रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की मौन सहमति भी बताई जा रही है, क्योंकि यह रोज का शगल बन चुका है। आरपीएफ, जीआरपी की मिली भगत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रेलवे प्लेटफार्मो और ट्रेनों में सरेआम अवैध वेंडरिंग की जा रही है, लेकिन कार्यवाही कभी सामने नहीं आती है।

आरपीएफ हेड कांस्टेबल की भूमिका पर सवाल

अवैध वेंडरिंग के इस मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) का ही एक कांस्टेबल इस अवैध कारोबार में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सूत्रों का दावा है कि उक्त कांस्टेबल अपनी पूंजी लगाकर इन वेंडरों को काम पर रखता है और उन्हें माहवार एक निश्चित वेतन पर प्लेटफार्म पर बेचने की अनुमति दी गई है। वेंडर रोजाना की आमदनी का हिस्सा भी संबंधित कांस्टेबल को देते हैं, और बदले में उन्हें वेतन दे दिया जाता है।

यह पूरा नेटवर्क बैतूल रेलवे स्टेशन आरपीएफ और जीआरपी के कार्यक्षेत्र के बीच ही खेला जा रहा है। यही वजह है कि अवैध वेंडर बिना किसी डर और ख़ौ$फ के अपने मंसूबो को अंजाम दे रहे हैं। इस अवैध नेटवर्क के चलते न केवल रेलवे की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि यात्रियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता भी खतरे में पड़ती जा रही है।

रेलवे की ईट राइट योजना को लगा रहे पलीता

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि जहां एक ओर रेलवे प्रशासन स्वच्छता अभियान और ईट राइट स्टेशन जैसी योजनाओं पर करोड़ों खर्च कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अवैध वेंडरिंग ने इन प्रयासों की पोल खोल दी है। यात्रियों ने मांग की है कि आरपीएफ और वाणिज्य विभाग तत्काल जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करें ताकि स्टेशन परिसर में नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

इनका कहना…..

अवैध वेंडरिंग को लेकर समय समय पर कार्यवाही की जाती है, यह गम्भीर मामला है इसे तत्काल दिखवाया जाएगा। नियम विरुद्ध वेंडरिंग हो रही है तो इसे प्राथमिकता से रोका जाएगा।

राजेश बनकर टीआई, आरपीएफ बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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