Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: किसने जुगत से कराया तबादला, फिर भी हसरतें नहीं हो रही पूरी?? माननीय की नाराजगी के बाद आरक्षक लाइन अटैच, फिर भी उनकी मौज क्यों??? पुलिस विभाग की कौनसी प्रशिक्षु महिला अधिकारी का ड्राइवर प्रेम चर्चा में???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

जुगत से कराया तबादला, फिर भी हसरतें अधूरी
शिक्षा विभाग के एक अफसर ने बड़ी जुगत लगाने के बाद भोपाल में अपने संपर्क सूत्रों से मिन्नतें कर अपना तबादला पास के ही एक जिले में करवाया। उनकी जगह कौन लेगा, अब तक तय नहीं हो पाया है। यही वजह है कि बड़े साहब ने उन्हें रीलिव नहीं किया है। इस पर यह अधिकारी इतने कुपित है कि वे बड़े साहब को लेकर अपना दुखड़ा अधीनस्थों और सहयोगी अफसर को सुना रहे हैं। चर्चा है कि शिक्षा विभाग के यह विवादित साहब अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में रहे। कई बार बड़े साहब की फटकार सार्वजनिक रूप से लगी, तब से जिले से बाहर जाने के लिए जुगत में लगे हैं। इस बार उन्हें संबंधित विभाग के मंत्री का सहारा मिला तो लगे हाथ उन्हें अपने गृह जिले में पदस्थापना करवा डाली, लेकिन बड़े साहब के रीलिव नहीं करने के बाद नई जगह जाने की हसरतें पूरी नहीं हो पा रही है। इसके लिए वे कह रहे हैं कि बड़े साहब उनके शुभ काम में अड़ंगा लगा रहे हैं।
आरक्षकों की लाइन अटैच में भी मौज
जिला मुख्यालय के दो थानों के टेलेंटेड दो आरक्षकों को पिछले दिनों एक माननीय की नाराजगी के बाद कप्तान ने लाइन अटैच कर दिया, लेकिन उनके फीलगुड यहां पर भी देखे जा रहे हैं। थाने से लाइन जाने के बाद भी दोनों को फिलहाल ड्यूटी से मुक्त रखने का तर्क समझ नहीं आ रहा है। चर्चा है कि ड्यूटी से मुक्त रखने के पीछे उन्हें खास काम के लिए तैयार किया गया। यही खास क्या हो सकता है, इसकी चर्चा लाइन से निकलकर अन्य थानों तक पहुंच गई है। चूंकि वसूलीबाज और अपराधियों से गहरी सांठगांठ रखने वाले दोनों आरक्षकों को एक माननीय की नाराजगी के बाद लाइन भेजना पड़ा। इसके बाद भी लाइन में रहकर पुराने अपराधियों और दो नंबर के कारोबारियों से निकटता के कारण चर्चा में है। यदि कप्तान लाइन अटैच के बाद इनके मोबाइल की काल डिटेल निकाले तो वास्तविकता सामने आ जाएगी।
प्रशिक्षु अधिकारी का ड्राइवर प्रेम
एक प्रशिक्षु महिला अधिकारी का ड्राइवर प्रेम इन दिनों विभाग में खासा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वे नौकरी में नई आई है, उन्हें एक थाने का अस्थाई प्रभारी बनाया है। फिलहाल वे विभाग के गणित को समझ रही है, इसी वजह स्टाफ के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी पर भरोसा नहीं कर रही है। चर्चा है कि अपने वाहन के चालक पर मैडम आंख बंदकर पूरा भरोसा कर रही है। बताया तो यह भी जा रहा है कि ड्राइवर काफी पुराना है और उस क्षेत्र के सभी अवैध कारोबारों की जानकारी है। इससे कुछ अधीनस्थ खुद ही मैडम के बारे में अफवाह फैला रहे हैं कि वे अपने ड्राइवर से चाय पानी प्रशिक्षण के लिए भी प्रशिक्षण ले रही है।




