MP Assembly Elections : एग्जिट पोल के बहाने धारणा बदलने का प्रयास
MP Assembly Elections: Attempt to change perception on the pretext of exit poll

जोखिम और चैलेंज लेकर सांझवीर की टीम ने प्रयास किया, परिणामों की चिंता नहीं
MP Assembly Elections : (बैतूल)। जिले के पांच विधानसभा चुनाव को लेकर सांझवीर टाईम्स के एग्जिट पोल को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। यह कटु सत्य है कि चुनाव मैदान में निर्दलीय उम्मीदवार भी हारने के लिए खड़ा नहीं होता। वह भी दांवा कर रहा है कि उसे जीत मिल रही है और विजेता बनने का प्रमाण पत्र लेकर सांझवीर के दफ्तर में मिठाई लेकर आया। उसकी बात पर यकीन करें भाजपा-कांग्रेस संबंधित विधानसभा से चुनाव हार रही है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर उम्मीदवार जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरा है, कटु सत्य यह भी है कि जीत केवल एक की होगी, हारने वालों की संख्या अधिक होते आई है।
अब बात करें एग्जिट पोल की तो सांझवीर ने प्रिंट मीडिया के इतिहास में अपने बुते केवल एक प्रयास भर किया है। पूर्व में निकाय चुनाव, विधानसभा चुनाव 2018 और नगर पालिका चुनाव में सटीक एग्जिट पोल की प्रेरणा ने इस बार भी मैदान में उतरकर, गांव-गांव पहुंचकर एग्जिट पोल करने का जोखिम उठाया है। एग्जिट पोल के परिणाम लगभग प्रकाशित हो चुके हैं, लेकिन कई पार्टियों को यह गले नहीं उतर रहा है। सोशल मीडिया पर एग्जिट पोल को गलत बताने के जो प्रयास हो रहे हैं, उन्हें आगह करना चाहते हैं कि पूर्व मेें हुए चुनावों में ऐसे ही लोगों ने अपनी पार्टी की जीत को एग्जिट पोल में आगे दिखाने पर तारीफों के पुलिंदे बांधे थे, अब यही लोग आलोचना कर एग्जिट पोल को गलत बताकर अपनी मंद बुद्धि का परिचय दे रहे हैं। ऐसे लोगों को चेतावनी के साथ आगह करना चाहते हैं कि सांझवीर का एग्जिट पोल महज एक प्रयास बस है, कोई दावा नहीं है।
देश में अनेक बड़े घराने और दिग्गजों के इलेक्ट्रानिक मीडिया के चैनलों के एग्जिट पोल गलत साबित हो चुके हैं, फिर बैतूल जैसे पिछड़े आदिवासी जिले में एक छोटे समूह के प्रिंट मीडिया द्वारा महज एक प्रयोग करने पर आलोचना करना कहा तक ठीक है। इस बात का जवाब भी उन्हें ही देना चाहिए। वास्तविकता यह है कि सांझवीर टाईम्स की टीम ने सटीक एग्जिट पोल के लिए शहरों के हर बूथ, वार्ड और पंचायतों तक जाने का बड़ा जोखिम उठाया है। यदि संबंधित क्षेत्र के मतदाता और सांझवीर के एग्जिट पोल में अपनी पसंद बताने वालों से गांवों में संपर्क करें तो वास्तविकता सामने आ जाएगी। नि:संकोच एग्जिट पोल गलत हो सकता है, लेकिन सही प्रयास करने पर सफलता कदम चूमते आई है। हमें विश्वास है कि जिस लग्न, आत्मविश्वास और टीम लगन से टीम ने एग्जिट पोल को बारीकी से करने का प्रयास किया। इसके सकारात्मक परिणाम 3 दिसंबर को मतगणना के बाद स्पष्ट हो जाएंगे।
हम एक बात और कहना चाहते हैं कि एग्जिट पोल के परिणाम शत प्रतिशत सही भी रहे तो भी और न रहे तो भी हम टीम की तारीफ- आलोचना न करें, केवल एक सफल प्रयास के लिए शाबासी दे तो भविष्य में एग्जिट पोल जैसे जोखिम भरे काम की परंपरा को सांझवीर टाईम्स कायम रख सके।
धन्यवाद




