Ladli Bahna Yojana: इस महीने फिर 127 लाड़ली बहनाएं योजना से बाहर
Ladli Bahna Yojana: This month again 127 Ladli Bahanas are out of the scheme

मृत्यु तथा 60 वर्ष आयु पार करने पर हटाए गए नाम
बैतूल जिले में अब 2.71 लाख महिलाएं ले रहीं योजना का लाभ
Ladli Bahna Yojana: बैतूल। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की थी। जिले की लाखों बहनों को प्रतिमाह आर्थिक मदद दी जा रही है। हालांकि समय-समय पर जांच, नियमों और अन्य कारणों के चलते योजना में शामिल लाभार्थियों की संख्या में कमी आ रही है। इसी क्रम में बैतूल जिले में इस माह 127 लाड़ली बहनाएं योजना से बाहर हो गई हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कई महिलाओं की मृत्यु हो जाने, कुछ के 60 वर्ष से अधिक आयु होने तथा तकनीकी खामियों के कारण नाम हटाए गए हैं। विभाग समय-समय पर पात्रता की जांच करता है, ताकि केवल नियमों के अनुरूप ही महिलाएं योजना के लाभ प्राप्त कर सकें। योजना में शुरूआत के बाद से लगातार नए पंजीयन भी हुए, वहीं पात्रता समाप्त होने पर कुछ महिलाएं स्वत: ही सूची से बाहर होती चली गईं। इस महीने हटाई गई 127 लाभार्थियों के बाद जिले में कुल लाड़ली बहनाओं की संख्या अब 2 लाख 71 हजार 603 रह गई है।
खातों में सीधे डाली जाती है राशि
लाड़ली बहना योजना की विशेषता यह है कि सहायता राशि सीधे लाभार्थी महिला के जन धन या बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंचती है। इसमें किसी भी तरह के बिचौलियों की भूमिका नहीं रहती, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। योजना की शुरुआत में प्रति माह 1000 रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। बाद में इसे 1250 रुपए किया गया। वहीं पिछले भाईदूज से राशि बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह कर दी गई है।
इसमें अतिरिक्त 500 रुपए सब्सिडी के रूप में जोड़े गए हैं, जिससे महिलाएं अपने दैनिक खर्चों और ज़रूरतों को और बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। सरकार का कहना है कि इस योजना से घरेलू आर्थिक स्थिति मजबूत, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिली है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रहने वाली बहनों ने इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, रसोई, चिकित्सा जरूरतों और छोटे-मोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए किया।
जिम्मेदारियों पर भी डाल रहा सकारात्मक प्रभाव
सामाजिक संगठनों का मानना है कि लाड़ली बहना योजना से महिलाओं के आत्मसम्मान में वृद्धि हुई है। घर-परिवार में आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ वे वित्तीय प्रबंधन के प्रति भी जागरूक हो रही हैं। प्रदेश सरकार समय-समय पर योजना की समीक्षा कर रही है। मुख्यमंत्री ने पहले भी कहा है कि आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर राशि में और वृद्धि की जा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में लाड़ली बहनाओं को और अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
इनका कहना…
इस महीने में अलग-अलग कारणों से 127 लाड़ली बहनाएं सूची से बाहर हुई है। अब जिले में 2 लाख 71 हजार 603 महिलाएं योजना के तहत पात्रता रखती है।
गौतम अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग, बैतूल




