Betul News: गांजा v/s गाजर घास पर बुरी फंसी पुलिस
Betul News: Police in deep trouble over Ganja v/s Carrot Grass

अभी भी किया जा रहा दांवा कि खेत में गाजर घास लगी थी, सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रही बैतूल पुलिस
Betul News: बैतूल। बैतूल पुलिस जो करें वह कम हैं। यह बात इसलिए कहीं जा रही है, क्योंकि विभागीय प्रेस नोट में पूर्व में गांजे की खेती पर संबंधितों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर प्रदेश स्तर पर सुर्खियां बटोरी। अब यही गांजा पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। जिस तरह घोड़ाडोंगरी ब्लाक के छूरी में एक खेत में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा तो यहां पर गांजे की खेती गाजर घास में बदलने के आरोप लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर दर्जनों ऐसी पोस्ट इशारा कर रही है कि कहीं न कहीं दाल में काला हुआ है। यदि ऐसा नहीं है तो पुलिस को सामने आकर इस मामले में अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए, लेकिन कल तक बात करने वाले सारणी एसडीओपी अब खुद बात करने से परहेज कर रहे हैं। इसी बात से पूरा मामला संदेहस्पाद होते जा रहा है।

सूत्र बताते हैं कि रानीपुर के निकट छुरी गांव में भाजपा के एक दिग्गज नेता के खेत में गांजे की खेती हो रही थी। इस संबंध में सोमवार को पुलिस महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को किसी मुखबिर ने दिया। इसे गंभीरता से लेते हुए सारणी एसडीओपी रोशन कुमार जैन के नेतृत्व में टीम ने छुरी पहुंचकर कार्रवाई शुरू की ही थी कि इसके पहले क्षेत्र के किसी का फोन आने से कार्रवाई स्थगित कर दी। हालांकि इस बात की किसी पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि फोन आने के बाद पूरी कार्रवाई पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया, जबकि प्रत्यक्षदर्शी दांवा कर रहे हैं कि जिस खेत में कुछ देर पहले तक गांज के पौधे लगे थे। इस फोन के बाद पूरी कार्रवाई में सूत्रों का दावा है कि पुलिस को केवल यहां गाजर घास ही मिली, गांजे के पौधे नहीं मिले। यानि पुलिस बिना कार्रवाई के लौट गई।

पंचनामें पर भी उठ रहे सवाल
सूत्र बताते हैं कि मुखबिर की सूचना पर छूरी में पुलिस ने छापामार कर सारणी क्षेत्र के एक भाजपा के बड़े नेता के खेत में हो रही गांजे की खेती पर कार्रवाई करना था, लेकिन हो गया उल्टा तथाकथित राजनैतिक दबाव के कारण पुलिस की कार्रवाई खुद विवादों में घिर गई। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के फोन आने के बाद यह कार्रवाई केवल गांजे के पौधे तक सीमित कर दी। सूत्रों ने बताया कि इसके लिए बनाया गया पंचनामें पर भी सवाल उठ रहे हैं। खबर है कि ऐसे लोगों के पंचनामा पर हस्ताक्षर करवाएं जो पुलिस के निकट हो। इसी वजह पूरी कार्रवाई पर सवाल उठना लाजमी है। इस मामले को लेकर पुलिस द्वारा पूर्व में जब्त किए गए गांजे के पौधें पर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग खुलेआम सोशल मीडिया पर भाई-भतीजावाद के आरोप लगाकर पुलिस और भाजपा को घेरने से नहीं चूक रही है।

पुलिस की वीडियो-फोटो जारी करने से परहेज क्यों?
पुलिस यदि दावा कर रही है कि केवल अफवाह फैलाई जा रही है कि छूरी के जिस खेत में गांजा मिलने की बात कहीं जा रही है। यह केवल भ्रम है। यहां केवल गाजर घास ही मिले हैं। यदि पुलिस ने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई है तो इसे मीडिया को उपलब्ध कराना चाहिए या प्रेसनोट जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करना चाहिए, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे बाद भी ऐसा नहीं किया। यही वजह है कि लोगों की शंका और बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर लगातार पुलिस के खिलाफ लेनदेने और कई कमेंट्स किए जा रहे हैं। इससे पुलिस के साथ भाजपा की छवि खराब हो रही हैं।

इनका कहना…
पुलिस टीम को कार्रवाई के दौरान छूरी में केवल गाजर घास ही दिखाई दी। गांजे के पौधे कहीं पर नहीं मिले। कार्रवाई निष्पक्ष की गई है।
निश्चल एन झारिया, एसपी बैतूल




