Betul Ki Khabar: आमला में बोरवेल मशीन हटाने पर पुलिसकर्मियों ने तानी बंदूक, थाना घेरा

Betul Ki Khabar: Policemen point guns at people for removing borewell machine in Amla, surround police station

नशे में थे पुलिसकर्मी, काफी देर तक परिवार को कट्टा निकालकर धमकाते रहे, कानून व्यवस्थ ध्वस्त

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले में बढ़ते अपराधों के कारण पहले से भयभीत जनता के सामने अब पुलिस की दबंगई भी खुलकर सामने आने लगी है। कानून व्यवस्था का हाल ऐसा हो गया है कि आम नागरिक अपराधियों से नहीं, बल्कि वर्दीवालों से भी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। ताजा मामला आमला का है, जहां रविवार की देर रात सड़क किनारे खड़ी बोरवेल मशीन हटाने को लेकर शराब के नशे में धुत्त दो पुलिसकर्मियों द्वारा कट्टा निकालकर गोली मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। इस घटना के बाद बीती रात आमला थाने के घेराव की जानकारी भी सामने आई थी। बड़ी संख्या में देर रात तक लोगों का हुजूम लगा हुआ था। हालांकि पुलिस इसे सामान्य मामला बताकर टाल रही है।

पीड़ित डैनी ठाकुर ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में पूरी तरह धुत्त थे और गाली-गलौज कर पूरे परिवार को धमकाते रहे। घटना के बाद परिवार के लोग गहरे सदमे और दहशत में हैं। पीड़ित का कहना है कि रात में थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की गई, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की गई। अब सोमवार को मामले की शिकायत एसपी वीरेंद्र जैन से की जा रही है।

बोरवेल मशीन ने रोका रास्ता, मारपीट और धमकी पर उतर आए पुलिसकर्मी

डैनी ठाकुर ने बताय कि पानी की कमी के चलते घर पर नलकूप खनन के लिए बोरवेल मशीन बुलाई गई थी। गली संकरी होने के कारण कुछ देर के लिए रास्ता बाधित हो रहा था और मशीन को व्यवस्थित खड़ा किया ही जा रहा था कि इसी दौरान आरक्षक अनंत यादव, सिपाही विवेक टेटवार और एक अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने रास्ते को लेकर विवाद शुरू होते ही तीनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच एक पुलिसकर्मी कट्टा निकालकर धमकाते हुए नजर आया। घटना के दौरान बच्चे और महिलाएं भी मौजूद थीं, जो डर से सहम गए। जहां लोगों को सुरक्षा देने का जिम्मा पुलिस का है, वहीं अब डर पुलिस से ही पैदा होने लगा है। पीड़ित द्वारा एसपी से शिकायत किए जाने के बाद अब देखना यह होगा कि इस गंभीर प्रकरण में पुलिस प्रशासन संलिप्त कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करता है या मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया जाता है।

घटना सामने आने के बाद उठ रहे सवाल

इस गम्भीर मामले में यदि पीड़ित के आरोप सही हैं तो सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शराब के नशे में पुलिसकर्मी ड्यूटी पर कैसे थे? आरक्षक और सिपाही के पास अवैध कट्टा कैसे आया? क्या थाना प्रभारी की जिम्मेदारी नहीं बनती कि उनके अधीनस्थ किस स्थिति में कार्य कर रहे हैं? नशे में होने के आरोप के बाद पुलिस कर्मियों का मेडिकल क्यों नहीं कराया गया। कुल मिलाकर यह पूरा मामला पुलिस के भीतर पनपे अव्यवस्थाओं और सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में संज्ञान लेने की जरूरत है, क्योंकि ख़ौ$फ में जी रही यह वही जनता है जिनके वोट और विश्वास के जरिए जनप्रतिनिधि जनता की सेवा करने का दम भरते हैं।

इनका कहना

 बोरवेल मशीन को लेकर विवाद हुआ था। मामूली विवाद है। कट्टा निकालने जैसी कोई सूचना नहीं है।  

– मुकेश ठाकुर, थाना प्रभारी आमला

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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