Betul Nagar Palika: पांच माह में से नहीं हुई परिषद की बैठक, निर्माण कार्य बुरी तरह ठप
Betul Nagar Palika: Council meeting has not been held in five months, construction work has come to a standstill

बारिश सिर पर, अधिकारियों में सामंजस्य नहीं होने से पार्षद और वार्ड के लोग भी परेशान
Betul Nagar Palika: बैतूल। बैतूल शहर में आम जनता को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं पर पिछले 5 माह से ग्रहण लगा हुआ है। बावजूद इसके परिषद की बैठक का कोई ठिकाना दिखाई नहीं दे रहा है। अब बारिश का मौसम सिर पर है। शहर के कई वार्डों में कीचड़ पानी और गन्दगी से लोगों के बुरे हाल हैं, नालियों और सड़कों के बनने का वार्ड पार्षद रास्ता देख रहे हैं, लेकिन ऐन बारिश के मौसम के पूर्व बैठक ना लिया जाना कहीं ना कहीं जनता के हित मे ठीक नजर नहीं आ रहा है।
हद तो तब है कि नपा के अधिकारियों ने अभी तक बैठक को लेकर कोई चर्चा की और ना ही यह तय कर पाए हैं कि बैठक कब आयोजित की जानी है। सीएमओ इस समय 12 दिन के अवकाश पर चल रहे हैं। उनके अवकाश से लौटने के बाद ही बैठक का एजेंडा तय होगा। नियम अनुसार प्रभारी सीएमओ को परिषद की बैठक करने का अधिकार नहीं है। इसलिए शहर के लोगों को आने वाले कई दिनों तक शहर की सड़कों में हिचकोले खाना पड़ सकता है तो पार्षदों को अपने वार्ड के लोगों को भी इंतजार करना पड़ सकता है।
वार्डों में टूटी पड़ी नालियां, सड़कों पर पसरा कीचड़
बैठक के आयोजित ना होने से सबसे ज्यादा परेशानी आमजनों और उन पार्षदों को हो रही है जिनके वार्डों मे निर्माण कार्य होने हैं।यह काम तब तक नहीं हो सकते जब तक परिषद की बैठक नहीं हो जाती, क्योंकि निर्माण कार्यों की स्वीकृति परिषद की बैठक में ही दी जानी है। हालात यह हैं कि शहर के कई वार्डों के अंदरूनी हिस्से में नालियां टूटी फूटी पड़ी हुई हैं। नालियों का गन्दा पानी सड़कों पर बह रहा है। सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। अभी तक नपा की ओर से ऐसी सड़कों को चिन्हित तक नहीं किया जा सका है ताकि यहां डस्ट आदि डालकर लोगो को राहत दी जा सके।
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3 माह का नियम, 5 माह से नहीं हुई बैठक
मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम के मुताबिक नगर पालिका को अधिनियम 1961 के अनुसार प्रत्येक वर्ष में 4 साधारण बैठकें लेने की आवश्यकता का प्रावधान किया गया है। यह साधारण बैठक हर तीन माह में होना है, लेकिन नगर पालिका बैतूल में परिषद की पिछली बैठक लिए ही करीब 5 माह का समय बीत चुका है।
इस मामले का सबसे हास्यास्पद पहलू यह है कि नपा के अधिकारी खुद ही इस बात को लेकर अनभिज्ञ हैं की नपा की बैठक आखिर कब आयोजित की जाएगी। सीएमओ 12 दिन के अवकाश पर हैं। प्रभारी सीएमओ को इस बाबत कोई अधिकार नहीं है ,तो वहीं जनता को दी जाने वाली मूल भूत सुविधाओं पर मंथन किए जाने वाली बैठक भी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है जो आम जनता के लिहाज से कहीं से कहीं तक न्याय संगत नहीं है। जानकारी मिली थी कि शुक्रवार 5 जुलाई को बैठक ली जानी है, लेकिन प्रभारी सीएमओ ने इससे इनकार किया, बल्कि उनसे इस बाबत कोई जानकारी भी नहीं मिल सकी है। ऐसे में उन वार्ड पार्षदों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिन्हें रोजाना अपने वार्ड की जनता की खरी खोटी सुननी पड़ रही है।
इनका कहना ….
आज होने वाली बैठक की मुझे जानकारी नहीं है। बैठक कब ली जाएगी इस बाबत अभी कोई चर्चा नहीं की गई है। सीएमओ साहब के आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
बृजलाल परते, प्रभारी सीएमओ नपा बैतूल





