Betul News: अतिक्रमण हटाने विधायक के निर्देश हवा में
Betul News: MLA's instructions to remove encroachment go in vain

एसआईआर के कामों को हवाला देकर अधिकारियों का बचने का प्रयास, हटाने के बजाए और बढ़ गए अतिक्रमण के मामले
Betul News: बैतूल। शहर में मुख्य बाजार से लेकर वार्डों तक बेजा अतिक्रमण की शिकायतों को अधिकारियों ने नजर अंदाज कर दिया। नतीजा यह निकला कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल को बैतूल प्रवास पर रहने के दौरान जागरूक नागरिकों और पार्षदों ने एक के बाद एक कई शिकायतें की तो उन्हें भी असलियत समझ आ गई। पिछले माह विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बाल मंदिर सभागृह में राजस्व, नजूल और नपा के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर अतिक्रमण के मामले में खासी नाराजगी जाहिर की। बैठक के बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि संयुक्त अभियान चलाकर एक दिन बाजार और दूसरे दिन वार्डों के अतिक्रमण चिन्हित कर हटाए जाए, लेकिन एक माह होने को है, उनके निर्देशों को लेकर अधिकारी आज तक अमल नहीं कर पाए।
अलबत्ता कहा जा रहा है कि एसआईआर के कामों की व्यस्तता के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है।
बैतूल शहर में निर्माण कार्यों के दौरान सड़क का अतिक्रमण विलेन बना हुआ है। मुख्य मार्गों की बात हो या वार्ड के अंदर सीसी या डामरीकरण सड़क अतिक्रमण के कारण सक्रिय बनाना मजबूरी बन गई है। इससे आए दिनों विवादों की स्थिति निर्मित हो गई है। दरअसल पार्षदों के पास शिकायतें पहुंच रही हैं कि जिन लोगों ने अतिक्रमण किए उसे हटाए बिना सड़क बनाना कितना तर्क संगत है?
लोगों की यह बात भी सही है कि वार्डों में कुकुरमुत्तों की तरह सड़क तक अतिक्रमण आ जाने से लोगों की समस्या भी बढ़ने के साथ आए दिनों गली छोटी होने से जाम जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। इन हालातों को लेकर पिछले दो माह से वार्ड के पार्षद और कुछ जागरूक नागरिक विधायक खंडेलवाल के पास पहुंचकर अपनी पीड़ा जाहिर कर रहे हैं। लगातार शिकायतों के बाद विधायक भी खासे नाराज हुए थे। इसके बाद उन्होंने मौखिक तौर पर राजस्व और नपा के अधिकारियों को अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए प्लान बनाने के निर्देश दिए।

खुद को लेना पड़ा बैठक
करीब डेढ़ माह पहले विधायक खंडेलवाल को पार्षदों के साथ बैठकों के अलावा बाल मंदिर सभागृह में राजस्व, नपा और नजूल के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेना पड़ा। इस बैठक में उन्होंने सख्त लहेजे में निर्देश दिए थे कि शहर में अतिक्रमण की शिकायत अधिक आ रही है। इसके लिए प्लान बनाया जाए। कई लोगों ने पक्का अतिक्रमण कर लिया। इससे सड़कें सकरी होते जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि अतिक्रमण हटाने के लिए प्लान बनाया जाए। इसके लिए बकायदा एक दिन शहर के मुख्य बाजार और दूसरे दिन वार्डों में चिन्हित अतिक्रमण को हटाने के लिए संयुक्त कार्रवाई करें। तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए थे। विधायक के निर्देश के बाद अधिकारियों में भी हड़कंप मचा और अभियान चलाने के लिए प्रयास शुरू हो गए।
अभियान शुरू होने के पहले ही टाय-टाय फिश
विधायक द्वारा बैठक लिए जाने के बाद राजस्व, नजूल और नपा के अमले ने प्लानिंग शुरू की थी। इस बीच कई तरह के दावे विभागों के अधिकारियों ने किए। नपा के राजस्व अमले के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में तहसीलदार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई संबंधित पत्र लिखा, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया तो कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। इस बीच राजस्व अमले ने नपा के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया और अभियान शुरू होने के पहले ही टाय-टाय फिश दिखाई दे रहा है। इधर निर्वाचन आयोग के निर्देश का पालन करते हुए विभागीय अधिकारी एसआईआर के काम में जोरशोर में लग गए। दावा किया जा रहा है कि यह काम निपटने के बीच जब भी समय मिलेगा। अभियान शुरू कर कार्रवाई की जाएगी। इससे अतिक्रमणकारियों को दोबारा शहर में पैर पसारने का मौका मिल गया है। इस संबंध में तहसीलदार गोवर्धन पाठे को उनके मोबाइल पर काल किया पर उन्होंने रीसिव नहीं किया।
इनका कहना…
विधायकों के निर्देशों का पालन होगा। फिलहाल निर्वाचन आयोग के निर्देशर एसआईआर का काम चल रहा है। समय मिलते ही संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगे।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ बैतूल




