Betul News : प्रशासनिक कोना: कौनसे साहब नोटिस पर झल्ला उठें कि सब उनकी गलती क्यों? डबल डोर वाले फ्रिज के लिए कस अधिकारी ने कर दी अनूठी मांग?? किन पुलिस अधिकारियों ने बढ़ाया पुलिस का सिरदर्द? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..

Betul News : निर्माण विभाग से जुड़े एक अधिकारी की अजब-गजब पीड़ा सूर्खियां बटोर रही है। दरअसल उन्हें सीएम हेल्प लाईन में लेट लतीफी के कारण उच्च अधिकारियों ने ना सिर्फ नोटिस जारी किया, बल्कि अपना पक्ष लिखित में रखने का फरमान जारी किया। वरिष्ठ अधिकारियों का यही फरमान साहब को हजम नहीं हो पा रहा है। वे अपने अधीनस्थों से कहते फिर रहे है कि सीएम हेल्प लाईन की शिकायतों का निराकरण करने का काम क्या अकेला मेरा है? यदि उच्च अधिकारियों को नोटिस देना था तो मेरे साथ एसडीओ और सब इंजीनियर को भी देना चाहिए था। साहब की पीड़ा समझकर अधीनस्थ हां में हां मिलाते रहे, लेकिन जैसे ही साहब ने चेम्बर के अंदर प्रवेश किया सभी तपाक से बोल पड़े माल सूतने में उनका हिस्सा नहीं तो फिर वरिष्ठों की फटकार और नोटिसों के जिम्मेदार हम क्यों ? साहब की लेनदेन की आदत से स्टॉफ के ही नहीं ठेकेदार भी काफी परेशान है। अब उनको नोटिस मिला तो बगले झांकने को मजबूर हो गए।
साहब ने शुरू किया रंग दिखाना
जिले के कुछ निकायों में तबादला होकर पदस्थ किए नए साहब ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। अपनी ईमानदार छवि के लिए चर्चित रहे इन साहब ने पिछले दिनों अधीनस्थों को बुलाकर फरमान जारी किया है उनके आवास के लिए डबल डोर वाला फ्रीज बुलवाया जाए। चूंकि डबल डोर फ्रीज की कीमत 60 से 70 हजार है, इसलिए अधीनस्थ भी परेशान हो गए। यदि ठेेकेदारों को इस बारे में बोलते तो पोल खुलने का भी डर था। इसके बाद सरकारी खर्च पर फ्रीज बुलवाने का सेटलमेंट किया गया। अब यह राशि कैसे निकलेगी यह तो पता नहीं, लेकिन साहब का फरमान पूरा करने के लिए अधीनस्थों ने अपनी नौकरी ही दांव पर लगा दी। वैसे साहब के बारे में कहा जाता है कि वे बेहद ईमानदार है।
वर्दी पर लगा बट्टा, कार्रवाई का इंतजार
पुलिस विभाग में पिछले एक माह से नक्षत्र ठीक नहीं चल रहे है। पहले मुलताई अनुविभाग के एक उपनिरीक्षक ने लाईन अटैच होने का जैसे रिकार्ड बना लिया। एक मामले में वो लाईन अटैच हुए तो सबसे लाईन जाने वाले उपनिरीक्षक भी बन गए। यह मामला थमा ही नहीं था कि बैतूलबाजार थाने के एक विवादित उपनिरीक्षक ने विभाग की परेशानी बढ़ा दी। दोनों ही विवादित अधिकारियों पर कार्रवाई का डंडा चल पाता, इससे पहले विभाग की छवि पर बट्टा लग गया। कर्मचारी भी इन पर कार्रवाई के इंतजार कर रहे है।




