Politics: राजनीतिक हलचल: आखिर नगरपालिका अध्यक्ष की कार्यप्रणाली क्यों होते जा समझ से परे?? विपक्षी पार्टी में पद बंटवारे पर क्या मैसेज गया??? किस बड़बोले नेता की बधाई की हो रही खूब चर्चा???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में.…..
Politics: Political stir: Why is the working style of the Municipal Chairman becoming incomprehensible??

समझ से परे नपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली
एक नगर पालिका अध्यक्ष को चुने हुए 3 साल का लंबा अरसा बीत चुका है, लेकिन उनकी राजनीति पार्टी के ही नेता नहीं समझ पा रहे। हालाकि नपाध्यक्ष पार्टी के कार्यक्रमों में तो सक्रिय दिखते है, लेकिन उनके निकाय क्षेत्र में उपलब्धि की बात कहीं जाए तो इस बात का जवाब नहीं दे सकते। इसके बाद उनके मोबाईल रिसीव करने पर भी हमेशा सस्पेंस बना रहा है, ना तो वे पार्षदों और ना ही जिम्मेदारों को मोबाईल रिसीव करते है। इससे नाराजगी भी बढ़ रही है। चर्चा यह भी है कि नपाध्यक्ष सक्रिय होने के बाद सायलेंट मोड पर रहने से पार्टी को नुकसान हो सकता है। बताते चले कि यह नपाध्यक्ष एक सुरक्षित विधानसभा के प्रथम नागरिक होने के अलावा यहीं से पूर्व में अपनी मातृ पार्टी विधानसभा चुनाव मे भी भाग्य आजमा चुके है।
पद बंटवारे पर क्या गया मैसेज?
एक विपक्षीय पार्टी में हाल ही में पद का जो बंटवारा हुआ है उसे लेकर जमकर चर्चा छिड़ी हुई है। इस बंटवारे में एक समाज विशेष में मैसेज गया है कि उक्त पार्टी को इस जिले में ओबीसी और विशेषकर बहुसंख्यक समाज से परहेज है। इसकी बानगी तो वैसे पूर्व में देखने को मिल चूकि है, लेकिन इस बार जिस तरह से पद का बंटवारा हुआ, समाज के कई लोगों को रास नहीं आया है। इस बात की भनक कुछ दिन पहले लगने के बाद समाज के कुछ लोग सक्रिय भी हुए, लेकिन उन्हें असफलता हाथ लगी है। बंटवारे को लेकर इस समय राजनीति गरमाई हुई है। देखना यह है कि आने वाले समय में क्या गूल खिलता है।
बड़बोले नेता की अनोखी बधाई
सत्तारूढ़ पार्टी के एक नगर मंडल के लबाडू नेता की कारगुजारियों से ना सिर्फ उनकी पार्टी, बल्कि विपक्षी पार्टी के नेता भी खासे परेशान है। दरअसल इस युवा नेता की राजनीति दूसरे के सहारे चल रही है। इस बात का लब्बोलुआब यह है कि खुद के पास ना तो वाहन है और ना ही वाहन चलाते आता है, इसलिए लिफ्ट लेकर खुद के साथ पार्टी की भी राजनीति चल रही हाल ही है। हाल ही में एक विपक्षीय पार्टी में नई नियुक्ति हुई तो अपनी पार्टी की गाईड लाईन छोड़ संबंधित के अलावा उनके समर्थकों को भी एक के बाद एक फोन घनघनाकर बधाई देने से नहीं चुके। विपक्षीय पार्टी के नेता भी उनके फोन पर बधाई स्वीकार कर मजे लेते रहे।




