Betul Police : पुलिस आवास के अलाटमेंट में बड़ी धांधली
Betul Police: Big rigging in allotment of police house

वरिष्ठ सूची और पीएचक्यू के आदेश को नजर अंदाज किया, जिनके पास पहले ही घर उन्हें भी मिला आवास का लाभ
Betul Police : (बैतूल)। पुलिस लाइन में नवनिर्मित पुलिस आवास आवंटन विवादों में घिर गया है। भले ही सुरक्षित निरीक्षक के नेतृत्व वाली कमेटी आवास आवंटन में पारदर्शिता बरती गई हो, लेकिन नए आवास की चाह में पुलिस विभाग के कई कर्मचारियों ने शपथ पत्र में गलत जानकारी देकर प्रक्रिया में शामिल हो गए। इस मामले में रक्षित निरीक्षक के पास भी एक गुप्त शिकायत पहुंची है। दूसरी ओर आवास आवंटन में बड़ी धांधली सामने आने के बाद अधिकारियों ने भी निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए है। इसके बाद झूठी शपथ पत्र देकर आवास आवंटन लेने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
मप्र पुलिस हाउसिंग कारर्पोरेशन द्वारा पुलिस लाइन में करीब दो वर्ष पहले कुल 60 कर्मचारियों के लिए आवास बनाने का काम शुरू किया गया था। कुछ माह पहले इन आवासों का काम लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद पुलिस विभाग ने आवास आवंटन के लिए बनाई कमेटी केे माध्यम से पुलिस कर्मियों से आवेदन मंगाना शुरू किए। सूत्र बताते हैं कि जिला मुख्यालय पर पुलिस हाउसिंग कारर्पोरेशन द्वारा निर्मित किए गए आवास पाने के लिए पुलिसकर्मियों में होड़ मच गई। करीब डेढ़ सैकड़ा से अधिक आवेदन अब तक पहुंच चुके हैं। आवास आवंटन कमेटी द्वारा पारदर्शिता बरतते हुए सभी को आवास आवंटन शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक 48 आवास प्रधान आरक्षक से आरक्षकों को दिए जाएंगे। 12 आवास एएसआई और एसआई को भी दिए जा सकते हैं। कुल 60 आवासों का निर्माण किया जा चुका है।
शपथ पत्र कितने सच? अपात्रों को भी मिल गए आवास
इधर जानकार सूत्रों ने बताया कि आवास आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरते जाने के बावजूद पए आवास के चाह में कई कर्मचारियों ने झूठे शपथ पत्र दाखिल कर दिए हैं। रक्षित निरीक्षक के पास आवास आवंटन के लिए शपथ पत्र में भरकर दिया जाना है कि पूर्व में उनके पास शहर में कोई निजी आवास नहीं है। इसके अलावा पीएचक्यू की अन्य कई गाइडलाइन का भी पालन करना अनिवार्य है। इसके बावजूद शपथ पत्र में कुछ कर्मचारी ऐसे हैं, जिनके पास पहले से ही आवास है और उन्हें नए आवास आवंटित कर दिए गए।
इनमें बोरदेही टीआई सरविंद धुर्वे एसपी आफिस में पदस्थ एएसआई दुर्गा मरकाम, श्री मन्नासे, पिंटू चौरे समेत एक दर्जन से अधिक लोगों के पास पहले से ही मकान होने की जानकारी सामने आई है। इन्हें भी नई कालोनी में आवास आवंटित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सभी ने बकायदा शपथ पत्र भी दिए हैं। ऐसे में शपथ पत्र की प्रक्रिया ही उलझते नजर आ रही है।
कई अधिकारी-कर्मचारी जेब से चुका रहे किराया
एक जानकारी सामने आई है कि पुलिस विभाग के निरीक्षक- उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों के अलावा निचले कर्मचारी किराए के मकान में रहकर अपनी जेब से किराया चुका रहे हैं। बैतूल में अब पुलिस विभाग द्वारा नए आवास बनाने के पहले केवल पूर्व में एक कालोनी ही बनाई गई थी, इनमें काफी समय पहले आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए अधिकारी और कर्मचारियों को अभी भी किराए के मकान में रहना पड़ रहा है। नियम से पहले इन लोगों को आवास की पात्रता दी जानी चाहिए।
गुमनाम शिकायत से हड़कंप, संदेह में कमेटी
जानकार सूत्र बताते हैं कि पुलिस आवास आवंटन प्रक्रिया में काफी अनियमित्ता बरती गई है। डर के कारण इस मामले में कोई कुछ नहीं बोल पा रहा है, लेकिन अधिकारियों के पास एक गुमनाम शिकायत पहुंचने के बाद हड़कंप मच गया है। इसके बाद पीएचक्यू की गाइडलाइन के आधार पर आवास आवंटन दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि रक्षित निरीक्षक ने पीएचक्यू की गाइडलाइन को दरकिनार करते हुए कुछ आवास एसपी कार्यालय में पदस्थ एक लिपिक के माध्यम से करीबियों को आवंटित कर दिए। इसी के बाद आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं और कमेटी भी संदेह के दायरे में आ गई है।
इनका कहना…
कमेटी के निर्णय के अनुसार ही आवास आवंटित किए जा रहे हैं, जिनके आवास कंडम हो चुके हैं वे भी नए आवेदन के लिए पात्र है। इसके बावजूद जिनके पास पहले से आवास है और उन्होंने आवेदन दिया है तो इसकी जांच की जाएगी।
सिद्धार्थ चौधरी, एसपी बैतूल
पीएचक्यू की आवास आवंटन को लेकर बहुत सी गाइड लाइन है। गाइडलाइन के आनुसार ही आवास का आवंटन किया जा रहा है, जिन्होंने शपथ पत्र में गलत जानकारी देकर आवास लिए हैं, उनकी भी जांच की जाएगी।
दिनेश मर्सकोले, आरआई बैतूल




