Betul News: कालोनाइजर ने कालोनी में जाने के लिए सरकारी नाले पर बना दी पुलिया

राजस्व विभाग की जांच में खुलासा, शहर से सटे कईनालों पर भी बनाई पुलिया जांच का विषय
Betul News: बैतूल। समीपस्थ उमरी जागीर गांव में तथाकथित कालोनाइजरों ने बिना अनुमति के खेत की जमीन पर अवैध प्लाट कर काट दिए। इसे लोगों को बेचने की तैयारियां की जा रही थी। इसी बीच तहसीलदार को सूचना मिली तो वे राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचे। पंचनामा में स्थिति स्पष्ट हो गई है कि श्रीजी डेवलपर्स कालोनाइजर द्वारा यहां पर खेत की जमीन पर प्लाट काटकर बेचने की तैयारी की जा रही थी। अवैध कालोनी निर्माण के पूर्व प्रशासन की कार्रवाई से अवैध कालोनाइजर अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका।
चौकाने वाली बात यह है कि कालोनाइजर ने यहां सरकारी नाले पर पुलिया बनाकर कालोनी में जाने का रास्ता बना डाला और नाले पर कब्जा कर लिया। यह कोई पहला मौका नहीं है,जब कालोनाइजरों ने सरकारी नाले पर कब्जा कर पुलिया बना ली और कालोनी में जाने का रास्ता बना डाला। शहर से सटे अन्य स्थानों पर भी यदि राजस्व विभाग गंभीरता से जांच करें तो बड़ा खुलासा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक बैतूल से खंडारा रोड पर उमरी के पास पहनं. 47 पर भूखंड काटकर प्लाट बेचने के लिए लाइन डाल दी गई थी। अवैध कालोनी का निर्माण कर इसे बेचने की तैयारी की जा रही थी। इस बीच तहसीलदार गोवर्धन पाठे को इस संबंध में जानकारी मिली तो वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पर पाया गया कि खसरा नंबर 6/5, रकबा 0.809 हेक्टेयर पर भू स्वामी श्रीजी डेवलपर्स, संचालक आकाश पिता गजेंद्र पटने, अविनाश पिता चंद्रकांत सोनी, राजकुमार पिता नागोराव दवंडे की निजी संस्था द्वारा बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति एवं स्वीकृति नक्शा के छोटे-छोटे भूखंड काटकर सील्लियां गढ़ाकर चूना लाइन डाल दी थी।
टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा बनाया और उपरोक्त स्थिति के लिए कालोनाइजरों को जिम्मेदार माना। पंचनामा में स्पष्ट उल्लेख किया है कि अवैध कालोनी पर प्लाट बेचने के उद्देश्य से खेत से लगे नाले पर सीमेंट कांक्रीट की दीवार और पुलिया का निर्माण कर लिया। उक्त कालोनी से लगे नाले खसरा नंबर 7, रकबा 0.336 हेक्टेयर की चौड़ाई लगभग 35 फीट नक्शा शीट में अवैध निर्माण पाया गया। पंचनामा में स्थिति स्पष्ट की गई है कि कालोनाइजर ने अपने फायदे के लिए बिना अनुमति के प्लाट बेचने की तैयारी की जा रही थी।

मनमर्जी के मालिक हुए कालोनाइजर
बैतूल के आसपास जिस तरह अवैध कालोनी बनाने का खेल चल रहा है, यह चिंता का विषय हो गया है। दरअसल कालोनाइजर राजनैतिक पहुंच के कारण काफी हद तक अपने मंसूबों में कामयाब होते जा रहे हैं। बडोरा , चक्कर रोड, गौठाना, खंडरा रोड, मलकापुर में खेत से लगी जमीनों और पहुंच मार्ग पर पड़ने वाले कई नालों को नस्तानाबूद करते हुए कालोनाइजरों ने खुद के रुपयों से पुलिया बनाकर अवैध कालोनी में जाने के लिए रास्ता बना लिया है। ईमानदार कलेक्टर पिछले पंाच वर्षों में इस मामले की जांच करें तो कई ऐसे नालों पर निजी लोगों और कालोनाइजरों ने कालोनी में जाने के लिए पुलिया का निर्माण कर लिया है। यह जांच का विष्ज्ञय हो सकता है, लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारियों ने जरा भी ध्यान नहीं दिया। इसका फायदा लगातार कालोनाइजर उठाकर कालोनी में जाने के लिए मनमर्जी से नालों पर पुलिया बना रहे हैं।
अधिकारी आए और चले गए, कालोनाइजरों पर कार्रवाई तय नहीं
जिस तरह उमरी जागीर में अवैध कालोनी बनाने के लिए राजस्व विभाग की टीम ने सूचना पर कार्रवाई करने के बाद पंचनामा बनाया है, यह एक उदाहरण है। तथाकथित कालोनाइजरों ने यहां प्लाट काटने के पहले कालोनी में जाने के लिए एक सरकारी नाले पर कब्जा कर पुलिया बना डाली। इसे दबंगई कहा जा सकता है। पूर्व में बडोरा, बटामा, खंडारा रोड, मलकापुर रोड, गौठाना के आगे भी कालोनाइजर इस तरह की पुलिया बनाकर कालोनी में सरकारी नाले को खा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। कुछ अधिकारी तो अपने फायदे के लिए तबादले के पहले इन्हें अनुमति देकर चले गए। पूरे मामले को लेकर कुछ जागरूक लोगों ने लोक उपयोगिता अदालत और राजस्व विभाग के कमिश्रर को भी शिकायत करने की तैयारी की है, ताकि नालों पर अवैध पुलिया निर्माण करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
इनका कहना…
शिकायत पर हमने उमरी जागीर में पंचनामा बनाया है। कालोनाइजर द्वारा बिना अनुमति के नाले पर कब्जा करना पाया गया है। इस मामले में कार्रवाई भी शीघ्र तय की जाएगी।
गोवर्धन पाठे, तहसीलदार बैतूल




