Betul News: एसडीएम कोर्ट से बड़ा हो गया कोतवाली थाना?
Betul News: Kotwali police station became bigger than SDM court?

फर्जी नामांतरण के मामले में दो माह बीते जांच हुई और ना एफआईआर

Betul News:(बैतूल)। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में इंटरनेशनल लॉयर कांफ्रेंस के आयोजन किया गया। इस कांफ्रेंस में कानून मंत्री सहित इसके जानकारों के अलावा देश भर के विद्वान न्यायाधीशों के अलावा हर जिले से एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। दो दिवसीय कांफ्रेंस के यह उद्देश्य था कि लंबित पड़े मामलों का निपटारा कैसे जल्द से जल्द किया जाए। ऐसा सिस्टम बनाया जाए कि किसी भी मामले का निपटारा जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी किया जाए। कोर्ट के माध्यम से होने वाली समस्त जांच समय पर पूरी हो ताकि न्यायाधीशों को फैसला करने में देरी ना हो। इन तमाम मुद्दों पर गड्डभीर मंथन किया गया। यह सब इसलिए बताना पड़ रहा है कि जब तक सिस्टम और सिस्टम चलाने वालों की कार्यक्षमता मजबूत नहीं होगी ये कभी भी संभव नहीं हो पाएगा।
ताजा उदाहरण है जिला मुख्यालय का जहां एसडीएम कोर्ट से जांच और कार्यवाही को लेकर कोतवाली थाने को दो महीने पहले निर्देश दिए गए थे, लेकिन विडम्बना है कि कोर्ट का यह आदेश कोतवाली थाने में पड़-पड़ा धूल खा रहा है, लेकिन अभी तक जांच शुरू तक नहीं हो पाई है। एफआईआर तो बहुत दूर की कौड़ी है। अब हाल यह है कि आवेदक थाने के चक्कर लगा लगा कर परेशान है और एसडीएम कोर्ट में मामला तब तक लंबित पड़ा रहेगा। जब तक कोतवाली थाने की पुलिस जांच कर प्रतिवेदन एसडीएम कोर्ट को नहीं सौंप देती।
पीड़ित ने आईजी और कमिश्नर से की शिकायतकम्प
नी गार्डन निवासी वाहिद खान पिता अब्दुल हफीज खान ने बताया कि वे मस्जिद कमेटी के नामांकित अध्यक्ष हैं, लेकिन कुछ लोगों ने नियमों का उल्लंघन कर मस्जिद कमेटी का पुनर्गठन कर लिया बल्कि राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर मस्जिद की जमीन का फर्जी नामान्तरण भी करवा लिया था। मेरे द्वारा की गई शिकायत के आधार पर एसडीएम कोर्ट ने कोतवाली थाने को 26 जुलाई 2023 को इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर किए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन ऐसा कोई निर्देश प्राप्त होने से कोतवाली टीआई ने साफ इंकार कर दिया।
मेरे द्वारा एसडीएम कोर्ट से दूसरी कॉपी निकलवाकर टीआई को दी गई, लेकिन टीआई लगातार की जा रही टाला मटोली से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि, आरोपियों पर कार्यवाही ना कर उन्हें बचाया जा रहा है और कोर्ट की अवहेलना अलग की जा रही है। पीड़ित वाहिद का कहना है कि इसकी शिकायत उन्होने आईजी नर्मदापुरम, डीआईजी, कमिश्नर नर्मदापुरम, कलेक्टर और एस पी से भी की है।
कलेक्टर की टीएल में दर्ज मामला फिर भी लापरवाही
इस पूरे प्रकरण में लापरवाही की हद तब हो गयी जब यह मामला प्रति सोमवार को होने वाली टाइम लिमिट कि बैठक में भी दर्ज है। यानी कि प्रति सोमवार इस प्रकरण में क्या प्रोग्रेस हुई है इसकी जानकारी दी जाना अनिवार्य है।एस डी एम कोर्ट से कोतवाली थाने को दिए गए निर्देश में स्पस्ट उल्लेख है कि शिकायतकर्ता वाहिद खान पिता अब्दुल हफीज निवासी कम्पनी गार्डन आर्यपुरा टिकारी बैतूल अध्यक्ष जमात अंजुमन ऐहले हदीस बैतूल द्वारा कलेक्टर को शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया कि अनावेदक अब्दुल सलाम निवासी कंपनी गार्डन आर्यपूरा टिकारी बैतूल ने अन्य 10 सदस्यों को मिलाकर 11 सदस्यों वाली प्रबंध समिति का गठन किया गया है
तथा समिति के गठन में प्रस्तुत दस्तावेज पर फर्जी हस्ताक्षर किये जाने संबंधी शिकायत की गई है तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर और वगैर आवेदक को सूचित किए नामांतरण कार्यवाही करा ली गई है। प्रकरण में सभी बिन्दुओं पर दस्तावेजों की जांच कर दोषियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए शिकायतकर्ता द्वारा आपके कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। नियमानुसार कार्यवाही कर इस कार्यालय को सूचित करने का कष्ट करे। उक्त प्रकरण कलेक्टर की टीएल में दर्ज है, तब भी कोतवाली थाना हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
इनका कहना है
एसडीएम कोर्ट से जांच के निर्देश मिले हैं पर अभी ना जांच हुई है ना ही एफआईआर। कार्य की अधिकता की वजह से प्रकरण लंबित है।
आशीष सिंह पवार, टीआई कोतवाली




