Betul Kargil Chowk : जिम्मेदार नागरिक भी कारगिल चौक पर पहले ट्रैफिक सिग्नल लगाने के पक्षधर

हादसों के बाद नपा ने सबक नहीं लिया तो बड़ी नाराजगी

Betul Kargil Chowk : बैतूल नगरपालिका अजब है- गजब है। इसका नजारा पहले भी कई बार देखने को मिल चुका है। दमदार नेतागिरी नहीं होने का खामियाजा शहर के लोगों को आए दिनों भुगतना पड़ रहा है। कई ऐसे मामले हैं जिनके परिषद में प्रस्ताव लिए जा चुके हैं, लेकिन इसकी फाइल आगे बढ़ाने में संकोच किया जा रहा है।

ताजा मामला कारगिल चौक पर ट्रैफिक सिग्नल का है, इसकी फाइल सात वर्षों से नपा में धूल खा रही है और कॉलेज चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने की तैयारी शुरू कर दी। इससे लिंक रोड और आसपास के जिम्मेदार लोगों में आक्रोश पनप रहा है।

सभी ने एक स्वर में कहा है कि बैतूल नगरपालिका के जिम्मेदारों की घटिया मानसिकता के कारण इतना यातायात होने के बावजूद अब तक सात वर्षों में ट्रैफिक सिग्नल लगाने का काम नहीं हो पाया है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और नपा के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए जमकर नाराजगी जताई है।

मुख्य चौराहा, फिर क्यों नहीं लगा ट्रैफिक सिग्नल: खंडेलवाल

Betul News: जिम्मेदार नागरिक भी कारगिल चौक पर पहले ट्रैफिक सिग्नल लगाने के पक्षधर

शहर के जाने-माने वरिष्ठ कर सलाहकार प्रदीप खंडेलवाल भी कारगिल चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने की कई बार वकालत कर चुके हैं। उन्होंने इस मार्ग पर होने वाले हादसे और अन्य समस्याओं का ध्यान भी समय-समय पर आकर्षित किया है। उनका मानना है कि जब कारगिल चौक चारों ओर के वाहनों की आवाजाही का केंद्र है, फिर यहां अब तक ट्रैफिक सिग्नल क्यों नहीं लगाया है।

उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर स्कूल, कोचिंग, आवागमन के अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही हमेशा बनी रहती है। इसलिए सभी बातों का ध्यान रखकर नगरपालिका को पूर्व में लिए गए प्रस्ताव के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल लगा दिया जाना चाहिए था। कहीं न कही नपा की लापरवाही है।

हादसों के बाद भी नहीं लिया सबक: डॉ राठी

शहर के जाने माने एवं मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ नूतन वल्लभ राठी का कहना है कि कारगिल चौक से लिंक रोड पर यातायात का सबसे अधिक दबाव रहता है। यहां पर नियमों को ताक पर रखकर बाइक रेसिंग कर गलत साइड से चलना आदत बन गई है।

बढ़ते यातायात के कारण कारगिल चौक पर यदि ट्रैफिक सिग्नल लग जाते तो हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता था। जब यहां पर सैकड़ों बसों की प्रतिदिन आकर रूकती है, तब नजारा देखने लायक रहता है, इसलिए मेरा मानना है कि ट्रैफिक सिग्नल लगाने के अलावा लिंक रोड पर स्पीड ब्रेकर बनाने की सत्त आवश्यकता है।

समझ से परे नपा के नियम: मदान

जाने-माने बिल्डर्स और सक्रिय समाजसेवी योगेश मदान भी कारगिल चौक पर अब तक ट्रैफिक सिग्नल न लगने से खासे नाराज है। उनका मानना है कि यदि नपा ने कई वर्ष पहले ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव परिषद में प्रस्ताव लिया है तो फाइलों में धूल क्यों खा रहा है, इसके बारे में सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नपा की इस भूल से क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं। नपा अध्यक्ष और सीएमओ को खुद संज्ञान लेकर इस मामले में कार्रवाई करना चाहिए।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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