Betul News: रजिस्ट्री में फोटो का बड़ा खेल ,लाखों की स्टाम्प ड्यूटी की चपत!

ज्यादा ड्यूटी वाले हिस्से फोटो से गायब, कम स्टाम्प ड्यूटी के नाम पर कथित अवैध वसूली का आरोप

Betul News: बैतूल। पुराने कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित रजिस्ट्री कार्यालय में कथित अवैध वसूली को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब स्टाम्प ड्यूटी से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर सांझवीर टाईम्स को मिली जानकारी के अनुसार, कुछ मामलों में संपत्ति की मौके की तस्वीरों में ऐसे हिस्सों को जानबूझकर नहीं दिखाने का आरोप है, जिनके शामिल होने पर स्टाम्प ड्यूटी की राशि बढ़ सकती है। आरोप है कि इसी कमी को हथियार बनाकर लाखो रुपयों का हेरफेर किया जा रहा है बल्कि शासन को भी स्टाम्प ड्यूटी का चूना लगाया जा रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है।

सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्री प्रक्रिया में मौके की तस्वीरों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। आरोप है कि संपत्ति पर बने शेड अथवा अन्य निर्माण को फोटो लेते समय इस तरह से एंगल में रखा जाता है कि वह तस्वीर में दिखाई ही न दे। बाद में संबंधित पक्ष को बताया जाता है कि यदि यह निर्माण रजिस्ट्री में शामिल किया गया तो स्टाम्प ड्यूटी में कई लाख की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी आधी रकम बचाने के नाम पर कथित वसूली का खेल शुरू कर दिया जाता है।

जानकारी के मुताबिक, उदाहरण के तौर पर किसी जमीन पर शेड मौजूद होने पर क्रेता या विक्रेता को बताया जाता है कि शेड सहित संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर करीब चार से पांच लाख रुपये तक अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी लग सकती है। इसके बाद कथित तौर पर दो से ढाई लाख रुपये में उस निर्माण को फोटो में शामिल नहीं करने का प्रस्ताव दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में पक्षकार को यह सौदा सीधे तौर पर कम खर्च वाला दिखाई देता है और कथित अवैध रकम देने के लिए तैयार होने की आशंका जताई जा रही है।

जांच हुई तो खुल सकते है बड़े राज

सूत्रों का दावा है कि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए तो स्टाम्प ड्यूटी में कथित हेरफेर और राजस्व नुकसान से जुड़े कई मामले सामने आ सकते हैं। अब सवाल यह है कि संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और रजिस्ट्री के दौरान खींचे गए फोटो का मिलान कौन करेगा? क्या विभाग पुराने प्रकरणों की मौके की तस्वीरों और वास्तविक निर्माण की जांच कराएगा? यदि आरोपों में सच्चाई है तो शासन को हुए राजस्व नुकसान की जिम्मेदारी भी तय होना जरूरी है। इस संबंध में उपपंजीयक दिनेश कौशले को उनके मोबाइल पर काल किया, लेकिन स्वाधीनता दिवस समारोह के कारण चर्चा नहीं हो सकी।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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