Betul News: धरती आबा योजना की ग्राम सभाएं कागजों में निपटी
Betul News: Gram Sabhas of Dharti Aaba Yojana settled on paper

15 से 26 नवंबर तक सभी पंचायतों में होना था आयोजन, जनजातीय कार्य विभाग ने कलेक्टर के आदेश को भी नहीं माना
Betul News: बैतूल। जनजातीय समाज के आदर्श बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरे देश में विविध आयोजन हुए। 15 नवंबर को प्रदेश में भी शासकीय अवकाश घोषित कर धरती आबा योजना की शुरुआत की गई। इसी दिन से 26 नवंबर तक जिले की सभी 554 पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर विविध कार्यक्रम होना तय किया गया था। इसकी रूपरेखा 14 नवंबर को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भी बनाई जा चुकी थी। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग को पूरी योजना के क्रियान्वयन के आदेश भी दिए, लेकिन अधिकांश ग्रामों में ग्राम सभा हुई, लेकिन कागजों पर निपट गई। कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश थे कि इस कार्यक्रम में शहरी क्षेत्र को भी शामिल किया जाए और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करें, लेकिन अधिकांश जगह जनजातीय कार्यविभाग ने औपचारिकता निभाकर धरती आबा योजना की हवा निकाल दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को बिरसा मुंड जयंती पर पूरे देश में कई अरब रुपए के कामों की शुरुआत करने के अलावा हर जिले को कोई न कोई सौगात दी थी। शहीद बिरसामुंड को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए अधिकांश जगह 15 नवंबर को शासकीय अवकाश भी घोषित किया गया। इस दिन धरती आबा योजना के भी प्रदेश के सभी जिले में शुरुआत करते हुए 26 नवंबर तक विशेष ग्राम सभाओं के भी निर्देश जारी हुए थे। 14 नवंबर को टीएल की बैठक में कलेक्टर सूर्यवंशी ने शासन की इस महत्वकांक्षी योजना के लिए सहायक आयुक्त जनजातीय कार्यविभाग शिल्पा जैन को विशेष तौर पर निर्देश दिए थे कि हर ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन करने के लिए पर्याप्त प्रचार-प्रसार कराया जाए और अधिक से अधिक लोगों को ग्राम सभाओं में आमंत्रित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाए।
हवा में कलेक्टर के निर्देश, औपचारिक निपटी ग्राम सभाएं
जिले की सभी 554 ग्राम सभाओं में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन करने के कलेक्टर के निर्देशों को भी सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया। सूत्र बताते हैं कि अधिकांश ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित हुई, लेकिन केवल कागजों पर। कुछ ग्राम पंचायत ऐसी थी, जहां ग्राम सभाओं आहूत करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिले। नतीजा यह हुआ कि शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया। कलेक्टर ने शासन की इस अभियान के तहत सहायक आयुक्त को टीएल की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि योजना का प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को लाभ दिलाए, लेकिन धरती आबा योजना के संबंध में ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
26 योजनाओं का ग्रामीणों को मिलना था लाभ
बताया जाता है कि धरती आबा योजना के तहत ग्राम सभाओं में कुल 25 योजनाओं को शामिल करना सुनिश्चित किया था। इसके लिए 18 विभाग के अधिकारियों को भी सूचित करना था। बताया जाता है कि इसके लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया, ताकि गांवों में होने वाली ग्राम सभाओं में धरती आबा योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। चौकाने वाली बात यह है कि जिन 25 योजनाओं को शामिल किया गया था, इनमें से अधिकांश ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी ही नहीं थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनजातीय कार्य विभाग में केंद्र- राज्य शासन के निर्देशों का किस तरह पालन किया।
जनप्रतिनिधियों को भी अधिकांश जगह किया नजर अंदाज
बताया जाता है कि शासन के स्पष्ट निर्देश थे कि विशेष ग्राम सभाओं के अलावा धरती आबा योजना के तहत स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे, इसके लिए नपा, लोक निर्माण, खाद्य विभाग, अध्यापक वर्ग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि सहकारिता सहित अन्य विभागों की भी उपस्थिति सुनिश्चित करने और हितग्राहियों को दी जाने वाली सुविधाओं का डेटा भी तैयार करना था, ताकि जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम में किसी तरह का व्यवधान न आए, लेकिन एक दो स्थानों को छोड़कर जिले की 554 ग्राम पंचायतों में 15 से 26 नवंबर तक हुई विशेष ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित ही नहीं किया गया।
यह विधायक सहित चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपमान है। इस संबंध में जन जातीय कार्यविभाग की सहायक आयुक्त शिल्पा जैन को उनके मोबाइल 9425394645 पर काल किया, लेकिन इस प्रतिनिधि का नंबर ब्लॉक करने की वजह से महत्वपूर्ण मामले में उनका वर्जन नहीं मिल पाया।




