Betul Samachar: शिकायत के एक माह बाद भी मेला संचालक पर कार्रवाई नहीं

जीएसटी के अधिकारी एक दूसरे पर टालमटोली कर झाड़ रहे पल्ला
Betul Samachar: बैतूल। बैतूल में जीएसटी विभाग में भारी-भरकम अमला जरूर है, लेकिन केवल औपचारिकता निभाई जा रही है। यह बात वैसे कई मर्तबा साबित हो चुकी है। ताजा मामला कोठीबाजार के एक स्कूल मैदान पर लगे मेले में बिना जीएसटी के सामग्री बेचने की शिकायत से जुड़ा हुआ है। मामले में शिकायतकर्ताओं ने एक माह पहले मय सबूत के शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद भी जीएसटी के अफसर ढूलमूल रवैया अपना रहे है। एक दूसरे पर जिम्मेदारी टालने से नाराज दोनों शिकायतकर्ता विभागीय अफसरों और सीएम हेल्प लाईन में शिकायत कर रहे है।
अर्जुन वार्ड निवासी अनिल और विनोबा वार्ड निवासी रितेश ने 6 नवम्बर को वार्णिज्य कर अधिकारी को शिकायत कर बताया था कि वे कोठीबाजार के एक मैदान में लगे मेगा ट्रेड फेयर में सामान खरीदने गए थे। दोनों ने कई सामान खरीदे। इसके बाद मेले में दुकान लगाने वाले दुकानदारों से सामान की क्वालिटी ठीक ना होने पर भविष्य में जरूरत पड़ने पर बिल मांगा तो दुकानदारों ने बिल देने से इंकार कर दिया। उनका आरोप था कि इतने बड़े मेले में बिना जीएसटी के सामग्री खरीदना लोगों की मजबूरी बन गई। यह जीएसटी चोरी जैसा अपराध है। शिकायतकर्ताओं ने मेला संचालक और दुकानदारों पर ग्राहकों को असुविधा से बनाचे के उद्देश्य से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया था।
एक माह से कर रहे गुमराह
पूरे मामले में सिविल लाईन स्थित जीएसटी के जिम्मेदार एक माह से शिकायतकर्ताओं को गुमराह कर रहे है। सबसे पहले सहायक जीएसटी अधिकारी विजय राठौर ने शिकायत लेने के बाद बताया था कि शीघ्र कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वे अवकाश पर चले गए और शिकायतकर्ताओं को गुमराह करते रहे। जब शिकायतकर्ताओं ने कार्रवाई के लिए दबाव बनाया तो उन्होंने जीएसटी इंस्पेक्टर रोहित झारीवाला से संपर्क करने के लिए कहा। करीब एक पखवाड़े बाद झारीवाला दो अन्य इंस्पेक्टर के साथ जाकर मेले से पंचनामा बनाकर आ गए, लेकिन आज तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार जीएसटी इंस्पेक्टर जांच प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों (विजय राठौर) को सौंपने की बात कर रहे है, लेकिन अधिकारी प्रतिवेदन ना मिलने की बात बोलकर गुमराह कर रहे है। दोनों ने बताया कि पहले उन्हें बयान लेने के लिए भी बुलाया लेकिन बाद में इंकार कर दिया। इसके बाद मेले वाले से सांठ-गांठ करने का भी प्रलोभन दिया गया। इंकार करने के बाद जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने मामला को लगातार टालने का प्रयास किया है।
सीएम हेल्प लाईन में शिकायत
बैतूल में बिना बिल के करोड़ों का कारोबार किया जा रहा है, लेकिन जीएसटी के अधिकारी शिकायत और सबूत मांगते है। दो जागरूक उपभोक्ताओं ने एक माह पहले इस मामले में शिकायत की तो आज तक पूरा मामला मेला संचालक को बचाने जैसा प्रतीत हो रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जीएसटी अफसरों की लापरवाही से इस तरह की शिकायतों पर अमल नहीं हो रहा है। इसी वजह से उपभोक्ता लूट रहे है। दोनों ने मामले की जांच के लिए सीएम हेल्प लाईन में की है। भोपाल के शेष अधिकारियों को भी शिकायते भेजी जा रही है।
बयान से पलटे अधिकारी
मामले का रौचक पहलू यह है कि पहले शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई का आश्वासन देने वाले जीएसटी अधिकारी विजय राठौर अब पूरी तरह पलट गए है। गुरूवार को उन्होंने बताया कि वह यह मामला नहीं देखते कोई आरमो साहब ऐसे मामले देखते है। जब उनसे आरमो साहब का नम्बर मांगा तो देने की बात कहीं, लेकिन कुछ देर बाद यह कहकर मना कर दिया की साहब ने नम्बर देने से मना किया है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बैतूल के जीएसटी विभाग में किस तरह का काम हो रहा है।




