Betul Samachar: सुरक्षा घेरा खत्म होते ही हेलीकाप्टर बना सेल्फी पाइंट

राष्ट्रपति के कारकेड हेलीकाप्टर पर फोटो से बवाल, बड़ी चूक

Betul Samachar: बैतूल। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 18 जून के बैतूल प्रवास के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। राष्ट्रपति के दौरे में उपयोग किए हेलीकॉप्टर के पास और उसकी सीढ़ियों पर बैठकर कुछ कर्मचारियों द्वारा फोटो खिंचवाने तथा उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करने से सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला तब उजागर हुआ जब संबंधित तस्वीरें फेसबुक पर वायरल होने लगीं।

जानकारों का मानना है कि जिस हवाई कारकेड में राष्ट्रपति यात्रा करती हैं, उससे जुड़े हेलीकॉप्टर और हेलीपेड क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों का हेलीकॉप्टर के नजदीक पहुंचकर फोटो खिंचवाना और उसे सार्वजनिक मंच पर साझा करना सुरक्षा मानकों की अनदेखी माना जा रहा है। इधर खाद्य अधिकारी ने दलील दी है कि कारकेड में एक अतिरिक्त चौपर भी आया था। कर्मचारियों ने इस चौपर की सीढ़ियों पर बैठकर फोटो खिंचवाकर शोसल मीडिया पर अपलोड कर दी थी। दोनों कर्मचारियों को फटकार लगाई गई है।

सोशल मीडिया पर तस्वीरें आते ही चर्चा का बाजार गर्म

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर अपलोड की गई तस्वीरों में कुछ कर्मचारी हेलीकॉप्टर की सीढ़ियों पर बैठे नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी केके टेकाम भी दिखाई दे रहे हैं। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि फोटो में मौजूद कुछ कर्मचारी संबंधित विभाग से जुड़े हो सकते हैं। फोटो सामने आने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर अत्यधिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में कर्मचारियों को हेलीकॉप्टर तक पहुंचने की अनुमति कैसे मिली और वहां तस्वीरें खींचने पर रोक क्यों नहीं लगाई गई।

वीवीआईपी सुरक्षा जोन में तस्वीरें खींचना गंभीर खामी

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे के दौरान हेलीपेड और हेलीकॉप्टर क्षेत्र को वीवीआईपी सिक्योरिटी जोन घोषित किया जाता है। इस दौरान वहां प्रवेश, गतिविधियों और फोटोग्राफी को लेकर सख्त नियम लागू रहते हैं। राष्ट्रपति के उपयोग वाले हेलीकॉप्टर, विशेषकर भारतीय वायु सेना के वीवीआईपी विमानों और हेलीकॉप्टरों के आसपास सुरक्षा एजेंसियां अत्यधिक सतर्क रहती हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा हेलीकॉप्टर के बेहद करीब जाकर फोटो खिंचवाना सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में माना जाता है।

गोपनीयता और तकनीकी सुरक्षा पर भी उठे सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों में कई संवेदनशील संचार और सुरक्षा प्रणालियां लगी होती हैं। इनकी गोपनीयता बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में हेलीकाप्टर के भीतर कोई ऐसी सामग्री प्रवेश करवा दी जाए जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से साझा की गई तस्वीरों से हेलीकॉप्टर की बनावट, प्रवेश बिंदुओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कुछ जानकारियां भी सामने आ सकती हैं और इसे साझा किए जाने का भी खतरा निर्मित हो सकता है। इसी कारण ऐसे क्षेत्रों में फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर सामान्यत: प्रतिबंध रहता है।

लापरवाही पर हो चुकी हैं निलंबन और सख्त कार्रवाई

सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामलों में देश के विभिन्न हिस्सों में पूर्व में कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के उदाहरण सामने आ चुके हैं। वीवीआईपी दौरे के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जाता है और कई मामलों में निलंबन जैसी कार्रवाई भी की गई है।

जिला प्रशासन की चुप्पी पर भी उठ रहे सवाल

मामला सामने आने के बाद अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इससे प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति का दौरा किसी भी जिले के लिए गौरव का विषय होता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था उससे भी अधिक महत्वपूर्ण होती है।

ऐसे में कर्मचारियों द्वारा हेलीकॉप्टर की सीढ़ियों पर बैठकर तस्वीरें खिंचवाना और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना कई सवाल छोड़ गया है। अब यह जांच का विषय है कि यह केवल अति उत्साह था या सुरक्षा प्रोटोकॉल की गंभीर अनदेखी।

इनका कहना….

राष्ट्रपति के आगमन के बाद एक चॉपर और आया था कर्मचारियों ने उस चौपर पर फोटो खिंचवाई थी। दोनो कर्मचारियो को फटकार लगाई गई है।

केके टेकाम, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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