Betul News: प्रशासनिक कोना: रिटायरमेंट के पहले आखिर इनके तेवर कैसे हुए तीखें?? 10 पेटी की डिमांड कर कौनसे साहब बुरे फंसे???सौ रुपए की चोरी को चोरी न बोलकर कौनसी थानेदार चर्चा में???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……
Betul News: Administrative Corner: How did his attitude become sharp before retirement?? Which sir got into trouble by demanding 10 boxes???

रिटायरमेंट के पहले साहब के तीखे तेवर
Betul News: जिला प्रशासन में बड़े साहब के बाद प्रमुख ओहदा रखने वाले एक अधिकारी रिटायरमेंट के पहले तीखी तेवर के लिए जाने जा रहे हैं। कुछ लोग उनके इस स्वभाव को बोलचाल की भाषा में सटियाने की बात कह रहे हैं। बातों-बातों में वे अपनी अधीनस्थों को भी अनाप-शनाप बोलने से नहीं चूक रहे। इससे अधिकारी भी दूर जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि किसी मामले की जानकारी लेने पर साहब अचानक आग बबूला हो जाते हैं। यही वजह है कि बड़े साहब के व्यस्त रहने पर इन साहब से जानकारी नहीं मिलने पर कई लोग असहज महसूस कर रहे हैं। साहब का रिटायरमेंट दो माह में होने वाला है, इसलिए वे इन दिनों अपनी जिव्हा पर नियंत्रण खो बैठे हैं।
10 पेटी की डिमांड कर बुरे फसे साहब
पुलिस महकमे में आईपीएल समाप्त होने के पूर्व अचानक पुलिस का जागरूक होना खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। आईपीएल मार्च माह से शुरू हुआ था, लेकिन सटोरियों पर कार्रवाई बौनी साबित हुई। जब आईपीएल समाप्ति पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो यह भी कटघरे में घिर गई।
दरअसल आईपीएल सटोरियों को पुलिस ने प्रतिस्पर्धा के साथ में आरोपी बना डाला, जबकि इनमें पटरी नहीं बैठती है। इसके बाद एक पुराने थानेदार किसी बड़े साहब के नाम दस लाख रुपए की डिमांड कर खूब सुर्खिंया बटोर ली। डिमांड पूरी नहीं होने पर हिदायत दी गई थी कि प्रकरण बनते जाएंगे। हालांकि यह डिलिंग एक जनप्रतिनिध की सख्त नाराजगी के बाद रद्द हो गई। इससे एक साहब के तेवर तीखी होने की खबर है। सत्य साहब ने आखिर किस बड़े अधिकारी के लिए डिमांड की थी, महकमे से लेकर बाजार में खूब चर्चा चल रही है।
सौ रुपए की चोरी पर घिरी महिला अधिकारी
एक महिला अधिकारी को जिला मुख्यालय से करीब का थाना प्रभारी बनाना कप्तान साहब को भी अब परेशानी में डाल दिया है। थाना प्रभारी अपनी बोलचाल की भाषा के कारण काफी चर्चा में है। उनके क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही है। कुछ दिनों के लिए उन्हीं से जुड़ी एक थाने का प्रभार सौंपा था, लेकिन नए साहब के आते ही उन्हें फिर पुराने थाने की कमान सौंप दी। थानेदार साहिबा फिर रंग में आ गई और गश्ती नहीं होने के कारण उनके क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही।
मीडियाकर्मी उनसे जानकारी मांगते हैं तो कहती है कि सौ रुपए की चोरी को भी कोई चोरी कहता है क्या? वरिष्ठ महिला थानेदार को यह भी नहीं पता कि गरीब के काउंटर से सौ रुपए चोरी होते हैं तो कई रात नहीं सो पाता है, लेकिन साहब का वरहदहस्त प्राप्त होने के कारण मैडम तमाम समझाइश के बाद भी अपनी बोलचाल की भाषा सुधारने को तैयार नहीं है।





