बैतूल पॉलिटिकल कॉलम : फर्जी लिस्ट से किस मेडम को कुछ देर के लिए खुशी?? किस विधानसभा के टिकट के दावेदार ने उड़ाई दूसरों की नींद??? कौनसे माननीय को अब कामों की दिलाना पड़ रहा याद???? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…..

Betul Political Column: Which madam got some temporary happiness from the fake list?? The candidate for which assembly ticket gave sleepless nights to others??? Which honorable person now has to be reminded of his work???? Read our popular columns in political turmoil...

Betul Political Column : भाजपा में दो सीटों को छोड़कर कांग्रेस भी अभी तक कहीं उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है। उम्मीदवारों की सांसे अटकी है कि उन्हें टिकट मिलती है या नहीं। पिछले दिनों एक पार्टी की फर्जी सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यह सूची वैसे ही फर्जी दिख रही थी , लेकिन एक सुरक्षित विधानसभा से महिला दावेदार का नाम आने से उनकी खुशियों का ठिकाना न रहा।

वे दावेदार तो है, लेकिन उनका मामला कोर्ट तक पहुंच गया है, इसलिए सूची में नाम आना उनके लिए अजूबे से कम नहीं था। कुछ देर बाद खुशी भी काफूर हो गई, क्योंकि पार्टी के प्रमुख नेताओं ने स्थिति स्पष्ट कर दी कि सूची फर्जी है और वायरल करने वालों पर कार्रवाई होगी। मैडम को कुछ देर पहले खुशी मनाने के बाद फिर बैकफुट पर आना पड़ गया। कुछ ही देर में थोड़ी खुशी , थोड़े गम की स्थिति निर्मित हो गई।

टिकट के दावेदार ने विरोधियों की उड़ाई नींद

जिले के सबसे बड़े विधानसभा क्षेत्र से विपक्षी पाटी से टिकट के एक बड़े दावेदार ने दो गंभीर दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीरे खींच दी है। अब तक पंचायत के यह प्रतिनिधि उन्हीं के साथ रहकर सुर में सुर मिला रहे थे, लेकिन अचानक उन्हें भी टिकट की चाहत हुई।

वे पिछले दिनों लाव लश्कर के साथ पार्टी के प्रदेश चीफ से मिलकर लौट आए। उन्हें ठोस आश्वासन दिया गया हैं। इस खबर के बाद क्षेत्र में टिकट के अन्य दो दावेदारों की नींद उड़ गई है। जो दावेदारी करने भोपाल गए थे उनके बारे में पाजिटिव यह है कि उनका विवादों से दूर दूर तक कोई नाता नहीं है। इसी वजह दो अन्य दावेदार खासे चिंता में पड़ गए।

पांच साल कुछ नहीं, अब काम याद आए

जिले की एक सुरक्षित विधानसभा सीट से एक माननीय लोप्रोफाइल के कारण अपनी ही पार्टी के नेताओं और मतदाताओं में फजीहत का कारण बनते रहे। चुनावी वर्ष में वे अपने आपको को श्रेष्ठ बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वैसे उन्होंने पांच वर्ष में कई कार्यक्रमों में अपने समाज का ठेठ नृत्य खूब किया।

यह नृत्य चुनाव के कारण खूब बढ़ गया। उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए पांच वर्ष में अपने कार्यकाल का ताना-बाना बुनकर परोसने का भी काम किया, लेकिन दाल नहीं गली। अपनी नीधि से कराए गए काम का बखान कर रहे हैं, लेकिन विधानसभा बढ़ा होने के कारण कई गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इससे उनका दाव उल्टा पड़ गया है। ऊपर से परेशानी जयस ने भी उम्मीदवार ने दावा ठोककर बढ़ा दी है। अपने ही पार्टी के कुछ लोग इन माननीय के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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