Betul News: 30 सितंबर के बाद बंद होगी वाहनों की मैन्युअल फिटनेस जांच, बैतूल के वाहन मालिकों को छिंदवाड़ा-होशंगाबाद जाना पड़ेगा

Betul News: बैतूल। जिले के वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। परिवहन विभाग द्वारा आगामी 30 सितंबर 2026 के बाद वाहनों की मैन्युअल फिटनेस जांच व्यवस्था पूरी तरह समाप्त की जा रही है। इसके स्थान पर अब ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) के माध्यम से वाहनों की फिटनेस जांच की जाएगी।
हालांकि बैतूल जिले के लिए चिंता की बात यह है कि यहां प्रस्तावित एटीएस का निर्माण फिलहाल नहीं हो पाएगा, जिसके कारण वाहन चालकों और मालिकों को फिटनेस प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए पड़ोसी जिलों छिंदवाड़ा या नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में वाहनों की फिटनेस जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत मैन्युअल निरीक्षण व्यवस्था को समाप्त कर आधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर कंप्यूटराइज्ड मशीनों के माध्यम से वाहनों की जांच होगी और उसी के आधार पर फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे।
बैतूल जिले में भी एटीएस स्थापित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन विवादों के चलते यह परियोजना अटक गई है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल जिले में एटीएस निर्माण की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में जिले के हजारों व्यावसायिक वाहन संचालकों, बस मालिकों, ट्रक ऑपरेटरों और निजी वाहन धारकों को फिटनेस जांच के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ेगा।
मशीनों से होगी पूरी जांच
ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन आधुनिक तकनीक से लैस होंगे, जहां वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह मशीनों के माध्यम से की जाएगी। स्टेशन पर वाहन के ब्रेक, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, हेडलाइट, व्हील अलाइनमेंट, प्रदूषण स्तर और अन्य सुरक्षा मानकों की स्वचालित जांच होगी। जांच रिपोर्ट सीधे कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज होगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम हो जाएगी।
यदि कोई वाहन निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसे फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाएगा। वाहन मालिक को आवश्यक सुधार कराने के बाद दोबारा परीक्षण कराना होगा। सफल जांच के बाद ही फिटनेस सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
परिवहन विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से फिटनेस जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी और सड़क पर केवल सुरक्षित एवं मानक अनुरूप वाहन ही संचालित हो सकेंगे। हालांकि बैतूल में एटीएस की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से वाहन संचालकों को अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ सकता है, जिससे स्थानीय परिवहन व्यवसायियों में चिंता भी देखी जा रही
इनका कहना…..
आगामी 30 सितंबर से मैन्युअल फिटनेस सिस्टम पूरी तरह से बंद हो रहा है। इसके स्थान पर ऑटोमेटिक टेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं लेकिन यह सिस्टम बैतूल में नहीं लगेगा। इसके लिए बैतूल में मामला न्यायालय में लंबित है। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों को फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए अन्य जिलों में जाना पड़ सकता है।
अनुराग शुक्ला
जिला परिवहन अधिकारी बैतूल
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