Betul Ki Khabar: भैंसदेही में नियम विरुद्ध काटी 18 कॉलोनियां

जनसुनवाई में सीएम से शिकायत, धड़ल्ले से हो रही प्लाटों की बिक्री
Betul Ki Khabar: भैसदेही। नगर में अवैध रूप से कॉलोनियां काटकर प्लॉट बेचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जनसुनवाई के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भैसदेही क्षेत्र में 18 स्थानों पर बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनियां विकसित कर प्लॉटों की बिक्री की गई है और वर्तमान में भी यह सिलसिला जारी है। शिकायतकर्ताओं ने इसे कॉलोनी विकास अधिनियम का खुला उल्लंघन बताया है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से कोई अनुमति प्राप्त नहीं की गई है और न ही सक्षम प्राधिकारी कार्यालय से विधिवत स्वीकृति ली गई है। नियमानुसार कॉलोनी में कम से कम 7.5 मीटर चौड़ी सड़क छोड़ना चाहिए। इसके साथ ही ओपन स्पेस एवं गार्डन के लिए भूमि आरक्षित करना अनिवार्य होता है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर इन प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।
इतना ही नही कुछ मामलों में पड़ोसी भूमि तक पहुंचने का रास्ता भी नहीं छोड़ा गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने पहले बड़े भूखंड खरीदे थे, वे अब उन्हें छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर बेच रहे हैं, जिनमें रास्ते की भूमि को भी शामिल कर लिया गया है। इससे भविष्य में आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं और आवागमन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
शिकायत में जिन व्यक्तियों के नाम शामिल हैं, उनमें मेन रोड नवापुर, कौड़ीढाना, पोखरणी, भिकुंड रोड और शिव मंदिर रोड क्षेत्र के कई कथित कॉलोनाइजर शामिल बताए गए हैं। सूची में गलफट, विजय जोशी, महाले, पाटणकर, दिनेश पटेल, जबोकार, नरवरे, भोले ठाकुर, आरिफ काबरा, विकास जोशी परिवार, प्रमोद म्हाले, ब्रह्मदेव पटेल, ठाकुर परिवार, सराटकर, विरेंद्र मालवी, बबिता मालवी सहित अन्य नाम दर्ज हैं। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाई जाए तथा आम नागरिकों को भविष्य में ठगी और असुविधा से बचाया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।




